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फुटपाथ पर लगे ‘होर्डिंग’ और ‘यूनिपोल’ पर हाईकोर्ट सख्त, होगी कार्रवाई

MP News: जनहित याचिका में कहा गया है कि कुछ विज्ञापन एजेंसियां मप्र आउटडोर एडवरटाइडिंग मीडिया नियम के खिलाफ यूनिपोल और होर्डिंग लगा रही हैं, जिसे नगर निगम ने अनुमति दी है।

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Court Judgement

Court Judgement प्रतीकात्मक तस्वीर-पत्रिका

MP News: फुटपाथ और सड़क पर लगे अवैध होर्डिंग और यूनिपोल को लेकर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। जस्टिस विजय कुमार शु‘ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने जनहित याचिका पर आदेश दिया कि निगमायु‘त द्वारा गठित समिति शहर में नियमों का उल्लंघन करने वाले यूनिपोल और होर्डिंग की जांच जारी रखेगी। समय-समय पर निगमायु‘त रिपोर्ट पेश करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी, लेकिन इसमें दो माह से ज्यादा का समय नहीं लगेगा।

जनहित याचिका में कहा गया है कि कुछ विज्ञापन एजेंसियां मप्र आउटडोर एडवरटाइडिंग मीडिया नियम के खिलाफ यूनिपोल और होर्डिंग लगा रही हैं, जिसे नगर निगम ने अनुमति दी है। कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर निगमायुक्त से जांच करने को कहा था।

हटाए जा रहे होर्डिंग

नियमों के खिलाफ लगे होर्डिंग और यूनिपोल पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर निगम ने 22 जोनल अधिकारियों, 22 अतिरिक्त राजस्व निरीक्षकों एवं मार्केट विभाग के कर्मचारियों की समिति गठित की थी। कोर्ट में समिति की रिपोर्ट पेश कर बताया गया कि 143 यूनिपोल का निरीक्षण किया गया। इनमें से चार यूनिपोल यातायात में बाधक और दो विरासत स्थल की दृश्यता को प्रभावित कर रहे थे। इन्हें हटाया जा रहा है।

मंगलवार को याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट और जजेस के बंगलों के आसपास भी फुटपाथ पर होर्डिंग्स और यूनिपोल लगा दिए गए हैं। निगम की ओर से याचिका की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि केवल दो कंपनियों को ही जानबूझकर निशाना बनाया गया है। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि वे केवल इतना चाहते हैं कि कोर्ट एक कमेटी बनाकर जांच करा ले।

कंपनियों ने भी सवाल उठाए

याचिका में जिन दो एड कंपनियों को पक्षकार बनाया गया था, उन्होंने भी याचिका की मंशा पर सवाल उठाए। दलील दी कि जो यूनिपोल लगे हैं, उनके स्ट्रक्चर की जांच करने और बीमा सहित सभी नियमों का पालन किया गया है। कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए कहा कि समिति गठित की जा चुकी है, इसलिए निर्देश दिया जाता है कि ये समिति यूनिपोल और होर्डिंग की जांच जारी रखेगी और रिपोर्ट निगमायुक्त के समक्ष पेश करेगी। निगमायुक्त उस पर कार्रवाई करेंगे। निगमायुक्त के लिए भी कोर्ट ने समय सीमा तय कर दी। कोर्ट ने इस रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेने के लिए निगमायुक्त को दो माह दिए हैं।

पहले भी अपनाया था कड़ा रूख

पहले भी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शहर में डिवाइडर और फुटपाथ पर लगे अवैध होर्डिंग्स को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इंदौर नगर निगम को निर्देश दिए थे कि नियमों के विरुद्ध लगाए गए होर्डिंग्स की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।