सोशल मीडिया पर जमकर किरकिरी का सामना कर रही इंदौर नगर निगम
इंदौर. गणेश विसर्जन को लेकर नगर निगम की व्यवस्था फेल तो हुई ही लेकिन लापरवाही से भगवान गणेश का अपमान भी हुआ। विसर्जन के लिए शहरवासियों ने श्रद्धा के साथ गजानन की प्रतिमाओं को नगर निगम की व्यवस्था के हवाले किया। निगम ने भी इन्हें पूरे सम्मान से विसर्जित करने का दावा किया, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही। सोमवार को जवाहर टेकरी पर इन प्रतिमाओं को कूड़े के समान पानी में डाल दिया गया। प्रतिमाओं को 35 डंपर के माध्यम से जवाहर टेकरी पहुंचाया गया। इन्हें पूरे विधि विधान से विसर्जित कराने का दावा किया गया था, लेकिन कर्मचारियों ने इस दावे की पोल खोल दी। डंपरों से हजारों मुर्तियां कूड़े के समान जल स्त्रोतों में फेकी गई। मीडिया के सामने तो निगमकर्मी सही तरीके से मुर्तियां विसर्जित करते रहे लेकिन बाद में कचरे के समान मुर्तियां फेंकी गई। नगर निगम के जिम्मेदार इस पर चुप्पी साधे हुए है। इधर तालाबों में विसर्जन न हो इसके निगम ने शहर में अस्थायी कुंड लगाए थे यही व्यवस्था तालाबों के बाहर भी थी लेकिन यह व्यवस्था भी लापरवाही की भेंट चढ़ गई। सिरपुर और बिलावली तालाब पर लोगों ने खुद ही प्रतिमाएं तालाबों में विर्सजित की इतना ही नहीं पानी में थैलियां, फोटो जैसी चीजें भी डाली गई। तालाबों के किनारे गंदगी हो गई यह तब जब निगम की टीम तालाबों के गेट पर ही तैनात थी। निगम न ही गणेश प्रतिमाओं को ठीक ढंग से विर्सजित कर पाया न ही तालाबों को गंदा होने से बचा पाया।
लोगों की नाराजगी भी बेअसर
शहर में 101 जगह से जमा गणेश प्रतिमाओं को कचरा वाहनों में भरकर जवाहर टेकरी ले जाया गया, जिसे लेकर कई लोग नाराज भी हुए। किसी ने ध्यान नहीं दिया। कचरे गाडिय़ों में रखकर प्रतिमाएं ले जाई गई जिसके फोटो और वीडियों देशभर में वायरल हुए।
जानकारी नहीं है
मैंने खुद ने रीति-रिवाज से ही प्रतिमाओं को विसर्जित किया है। मेरे जाने के बाद यदि ऐसा कुछ हुआ है तो मुझे उसकी जानकारी नहीं है।
शंकर यादव, एमआइसी सदस्य