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इंदौर में लैटिन अमेरिका फोरम, फिर ब्रिक्स सम्मेलन, भारत के लिए क्यों अहम है ये सम्मेलन

BRICS News : भारत-लैटिन अमेरिका और कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच-2026 के तहत 15 से ज्यादा लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और राजनयिक प्रतिनिधि आज इंदौर में जुटेंगे।
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इंदौर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 6 Jun 2026, 12:46 PM IST

BRICS News

इंदौर में लैटिन अमेरिका फोरम, फिर ब्रिक्स सम्मेलन का शुभारंभ (Photo Source- Patrika)

International Business Meet :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक आयोजन की मेजबानी करने जा रहा है। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच-2026 के तहत 15 से ज्यादा लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और राजनयिक प्रतिनिधि शनिवार को शहर में जुटेंगे। इस मंच के जरिए मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश और निर्यात के उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। आयोजन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, व्यापारिक संगठन और सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित 350 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

पिछले कुछ सालों में मध्य प्रदेश और लैटिन अमेरिका- कैरेबियन देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है। साल 2025-26 में प्रदेश से इस क्षेत्र के देशों को होने वाला निर्यात 3,835 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, कृषि आधारित उत्पाद, पैकेजिंग और विनिर्माण क्षेत्र के उत्पाद 33 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं।

निवेश अवसरों की जानकारी देंगे विभिन्न देशों के प्रतिनिधि

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंच प्रदेश के उद्योगों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और विदेशी निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपने यहां उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी देंगे। इसके अलावा व्यापार, विनिर्माण, कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवाएं, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

बी2बी और बी2जी बैठकें होंगी

विनिर्माण क्षेत्र में फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े अवसरों पर चर्चा होगी, जबकि सेवा क्षेत्र में आइटी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा को लेकर संभावनाएं तलाशने पर जोर रहेगा। आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) और बी2जी (बिजनेस टू गवर्नमेंट) बैठकें होंगी। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, निवेशक और सरकारी एजेंसियां सीधे संवाद कर संभावित साझेदारियों और निवेश प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे।

इंदौर की वैश्विक पहचान को मिलेगा बल

औद्योगिक और निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच न केवल प्रदेश में निवेश आकर्षित करते हैं, बल्कि इंदौर और मध्यप्रदेश को वैश्विक व्यापारिक मानचित्र पर मजबूत पहचान भी दिलाते हैं। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश को भारत और लैटिन अमेरिका- कैरेबियन क्षेत्र के बीच व्यापारिक सहयोग का प्रमुख केंद्र बनाया जाए, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर पैदा हों।

9 से 13 जून तक ब्रिक्स देशों का कृषि सम्मेलन

चार वाणिज्य और उद्योग मंडल भी इसमें भाग लेंगे। साल 2025-26 में मध्य प्रदेश से लैटिन अमेरिका और कैरिबियन इलाकों को करीब 4186 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ, जो साल 2024-25 की तुलना में करीब 12.6 फीसद ज्यादा है। उद्‍घाटन सत्र के बाद प्रतिनिधिमंडलों द्वारा देश-वार निवेश प्रस्तुतियां एवं तीन पैनल चर्चाएं होंगी। 9 जून से ब्रिक्स सम्मेलन शुरू होगा। कृषि विभाग के सचिव निशांत वरवड़े एक बार की व्यवस्थाएं देख चुके हैं। इंदौर का पूरा प्रशासनिक अमला अब 7 से 8 दिन इन्हीं आयोजनों की मेजबानी में व्यस्त रहेगा।

कृषि और पर्यटन विभाग के अफसर जुटेंगे

इस आयोजन में जिला प्रशासन के अलावा में कृषि विभाग, पर्यटन विभाग के अफसरों की सहभागिता भी रहेगी। आयोजन के पहले तीन दिन अधिकारी स्तर की चर्चा की जाएगी, जबकि, बाद के दो दिन केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ अन्य देशों की मंत्री स्तरीय चर्चा होगी।

मेहमानों को दिखाई जाएगी मालवा-निमाड़ की प्रकृतिक खेती

ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों को इस बार राजबाड़ा और सराफा नहीं ले जाया जाएगा। मेहमानों को मालवा-निमाड़ की प्राकृतिक खेती और एक जिला-एक उत्पाद से बने प्रोडक्ट दिखाएं जाएंगे। इसके लिए ढक्कन वाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार को तैयार किया जा रहा है। यहां प्रदर्शनी भी लगेगी।

क्यों खास है ये सम्मेलन ?

जलवायु परिवर्तन से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई देशों में पानी की उपलब्धता घट रही है। उर्वरक और कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। खाद्य सुरक्षा और पोषण बड़ा वैश्विक मुद्दा बन चुके हैं। कृषि में नई तकनीक और एआई के उपयोग की जरूरत बढ़ रही है। किसानों की आय और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर पर दुनिया भर में जोर है।

इंदौर की बैठक क्यों अहम ?

भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। कृषि कार्य समूह की यह महत्वपूर्ण बैठक है, जिसमें सदस्य देशों के अधिकारी और कृषि मंत्री भाग लेंगे। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और कृषि व्यापार जैसे विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही, सदस्य देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की रणनीति तैयार होगी। भारत को अपनी कृषि तकनीक, डिजिटल एग्रीकल्चर मॉडल और प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। इंदौर की पहचान स्वच्छता तक सीमित नहीं रहकर कृषि नवाचार और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में मजबूत होगी।