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‘मेरा बेटा बेकसूर था’, राजा रघुवंशी की फोटो के सामने भावुक हुई मां, सोनम की जमानत रद्द

Sonam Raghuvanshi bail cancelled: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने तीन सप्ताह में सरेंडर का आदेश दिया, जिससे पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली।
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इंदौर

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Akash Dewani

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Updated: 23 Jul 2026, 5:23 PM IST

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Raja Raghuvanshi murder case: सोनम की जमानत रद्द होने के बाद राजा की मां हुई भावुक (फोटो सोर्स- Patrika)

Raja Raghuvanshi murder case : इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए उसकी जमानत रद्द (Sonam Raghuvanshi bail cancelled) कर दी है। सर्वोच्च न्यायलय ने उसे तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के समक्ष सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि,अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता है तो सोनम नई जमानत याचिका दायर कर सकती है। इस फैसले के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी भावुक हो गई। उन्होंने इसे न्याय की पहली जीत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है।

गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी में कमी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देने में कथित कमी के आधार पर जमानत देकर त्रुटि की थी। अदालत ने सोनम को तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती है तो सोनम नई जमानत याचिका दाखिल कर सकती है।

भावुक हुई राजा की मां, सुप्रीम कोर्ट का किया धन्यवाद

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। मृतक की मां उमा रघुवंशी अपने बेटे राजा रघुवंशी की हार टंगी फोटो के सामने भावुक हो गई। उमा रघुवंशी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट से पूरी उम्मीद थी। सोनम ने इतना बड़ा गुनाह किया है, उसे जेल जाना ही चाहिए था। मेरा बेटा बेकसूर था। मैं चाहती हूं कि केस की सुनवाई जल्द पूरी हो और मेरे बेटे को न्याय मिले। सोनम के बाहर रहने से मुझे बहुत दुख होता था। मैं सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करती हूं कि एक मां को न्याय की पहली उम्मीद मिली है।

कोर्ट ने दिए थे दो विकल्प

इससे दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को दो विकल्प दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएस सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने मंगलवार को सुनवाई की थी। कोर्ट ने मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें मेघालय हाईकोर्ट की ओर से सोनम को मिली जमानत के खिलाफ अपील की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के सामने दो सुझाव दिए कि जब तक ट्रायल कोर्ट अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है, तब तक सोनम रघुवंशी को सरेंडर कर देना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि दो विकल्प हैं। या तो हम मामले के गुण-दोष पर विचार करके आदेश देंगे या फिर हम आदेश देंगे कि जब तक गवाहों से पूछताछ पूरी नहीं हो जाती, तब तक आप सरेंडर कर दें और उसके बाद हम मामले के गुण-दोष पर विचार करेंगे।