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मालवा प्रान्त के इंदौर में एक कहावत है “भणोगा लिखोगा तो बनोगा साहब”

इंदौर

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Newsdesk

Jul 24, 2026

datia news

datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

मालवा प्रान्त के इंदौर में एक कहावत है "भणोगा लिखोगा तो बनोगा साहब" मतलब अच्छी पढ़ाई करोगे तो साहब बनोगे नहीं तो खेती और मजदूरी करना पड़ेगी । मालवा का पठार खेत खलिहानो से घिरा इंदौर हमेशा से समृद्ध रहा है। मालवा रीजन सदियों से शिक्षा का गढ़ रहा है जहां उज्जैन के सांदीपनि में कृष्ण ने शिक्षा पाई तो राजा महाराजाओ के राजकुमार इंदौर में शिक्षा पाते रहे है। इंदौर को शुरू से मिनी मुंबई कहा जाता रहा है और यहाँ का आकर्षण पुरे मध्य भारत में रहा है। किसी ज़माने में डेली कालेज और मल्हार आश्रम,अहिल्या आश्रम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाए आकार ले रही थी जहां दाखिला लेंना आम आदमी के लिए मुश्किल था। समय के साथ कई स्कुल कालेज खुले।सरकारी स्कूल भी खूब खुले और पुरे प्रदेश के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ने आते थे आसपास के गांव के बच्चे पैदल,साइकल आदि से आते थे। किसी ज़माने में हायर सेकेंडरी बोर्ड से होती थी और उसका रिजल्ट एक सांध्य दैनिक में आता था तो उस दिन पेपर की कापिया कम पड़ जाती थी।उस समय बीएससी,बीकॉम,और बीए और एलएलबी की सुविधा होती थी बहुत काम बच्चे इंजीनिरिंग और पॉलिटेक्निक थे। फिर प्राइवेट स्कुल कॉलेजों का दौर चालू हुवा और देखते देखते सारे सरकारी स्कूल आखरी विकल्प बनते गए और प्राइवेट में बच्चो को पढ़ाना हर पेरेंट की कोशिश हो गयी। आज स्थिति यह है की सरकारी स्कुल खाली है और प्रायवेट स्कूल ही चल रहे है। ऐसे ही प्रायवेट कालेज भी बढ़ते गए। इंजीनियरिंग हो मेडिकल हो सभी फिल्ड में प्राइवेट संस्थाए आयी है। इसके साथ ही कोचिंग क्लासेस भी राष्ट्रीय स्तर की इंदौर में आयी और चल रही है। सब मिला कर इंदौर का मौसम,खानपान,संस्कृति ,साफ़ सफाई पुरे देश से छात्रों को इंदौर ले आते है। फिर आईआई एम् आई आई टी ,मेडिकल कालेज जैसी संस्थाए पुरे देश से छात्रों को इंदौर खींच लाती है। आज इंदौर के तैयार हुवे बच्चे बड़े बड़े पदों की शोभा बड़ा रहे है। ऐ आई के ज़माने में भी इंदौर काफी एडवांस है यहाँ चौराहे को रोबोट संचालित कर रहे है। हेकाथान जैसी प्रतियोगिताओ में इंदौर के बच्चे खूब नाम कमा रहे है और पुरस्कार जीत रहे है।इंदौर अब सिर्फ 'मिनी मुंबई' नहीं रहा। यह 'सेंट्रल इंडिया का बैंगलोर' बनने की राह पर है - जहाँ पढ़ाई भी है और करियर के मौके भी। सरकार का स्टार्टअप पॉलिसी और आई टी इन्वेस्टमेंट भी इसमें मदद कर रहा है। इंदौर के आस पास अब कई आईटी पार्क और इंडस्ट्री हब भी आकार ले रही है जो इंदौर की तरफ लोगो को आकर्षित कर रहे है।