इंदौर

Gen Z के लिए क्यों बढ़ा सियासी दलों का आकर्षण? राहुल गांधी से लेकर RSS-BJP तक युवाओं पर फोकस

Gen Z Political Connect- राजनीतिक दल अब जेनजी को साथ लेकर चलना चाहते हैं, उनका मानना है कि यह युवा ही आगे चलकर उनकी पार्टी की ताकत बनेंगे...। अब यह दौर दिखने लगा है...।
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Sep 18, 2026
Gen Z political connect
Gen Z political connect- राजनीतिक पार्टियों का फोकस अब जेनजी है। (फोटो inc.in/)

Gen Z Political Connect- 2014 का दौर था जब सोशल मीडिया, युवाओं और राजनीतिक रणनीति के दम पर भाजपा ने देश में बड़ी जीत हासिल की थी। समय बदलता देख अब अन्य पार्टियां भी सोशल मीडिया पर सक्रिय होने लगी। हाल ही में दिल्ली में हुए जंतर-मंतर के प्रदर्शन में जेन-जी एकत्र हुए और सोशल मीडिया की ताकत दिखा दी। इसके बाद तो जेन-जी को सभी राजनीतिक दल हाथों हाथ लेने लगे। अब इंदौर जेन-जी का केंद्र बनने जा रहा है। यहां कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में जेन-जी से सीधा संवाद करने पहुंच रहे हैं। आखिर राजनीतिक दल जेन-जी को अपने साथ क्यों रखना चाहते हैं और जेनजी का भी क्रेज राहुल गांधी की तरफ क्यों बढ़ रहा है…। देखें यह रिपोर्ट।

स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छी शिक्षा, सरकारी नौकरी नहीं मिलना ऊपर से पेपर लीक मामला हो या भर्ती घोटाला, यह मामले सीधे तौर से युवाओं से जुड़े मसले हैं। इनसे युवाओं का आक्रोश बढ़ा ही है। इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए युवाओं का जो दौर देखने को मिल रहा है, इससे पता चलता है कि कांग्रेस निश्चित रूप से युवाओं को अपने आकर्षिक करने में सफल हो रही है।

छात्रों से सीधा संवाद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने एक तरफा भाषण की बजाय युवाओं से सीधे जुड़ रहे हैं। इंदौर में हो रहे छात्रों की गूंज अभियान के तहत वे स्टूडेंट्स, नौकरी ढूंढने वाले युवा और यूथ के ग्रूपों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इससे पहले भी जो कार्यक्रम हुए हैं, उसमें भी छात्र, नौकरी ढूंढने वाले युवाओं ने पेपर लीक, भर्ती घोटाला और रोजगार से जुड़े अपने एक्सपीरियंस शेयर किए थे।

बड़ा माध्यम है सोशल मीडिया

हाल ही में हुए जेनजी के एक सर्वे में 33 प्रतिशत युवाओं ने मुद्दों को आगे रखते हए कहा था कि वोट तय करने में यह सबसे अहम आधार है। बल्कि पालिटिकल राय बनाने में 50 प्रतिशत से कम युवाओं ने सोशल मीडिया को अहम बताया। युवा अब रैलियों और न्यूज चैनलों पर चलने वाली डिबेट्स तक सीमित नहीं है। उनके लिए Instagram, YouTube, Reels और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पालिटिकल संवाद के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार राहुल गांधी के 6 माह में इंस्टाग्राम पर 30 लाख से अधिक फालोअर्स बढ़ गए। हालांकि जेनजी को राहुल को समर्थन पूरी तरह से प्रमाणित नहीं माना जा सकता।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की युवा धर्म संसद

उज्जैन में तीन दिवसीय युवा धर्म संसद में भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का फोकस युवा पर है। पहले ही दिन देशभर से 1200 युवाओं के साथ ही 16 युवाओं ने युवा पंचायत के तहत धर्म, युवा और बदलते भारत की चुनौतियों समेत कई विषयों पर विचार रखे। इस आयोजन का शुभारंभ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने किया और युवाओं को संबोधित भी किया।

मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा कहते हैं कि युवा तन की नहीं मन की अवस्था है। वो केवल सवाल खड़ा करने वाला नहीं, उसके उत्तर और समाधान तलाशने वाला भी है। संघ भी लगातार युवाओं को राष्ट्रवादी बनाने के लिए युवाओं को प्रेरत कर रहा है। यही कारण है कि 20 सितंबर को भोपाल में भी संघ का बड़ा आयोजन हो रहा है, जिसमें 30 हजार स्वयं सेवक संघ शामिल हो रहे हैं। लाल परेड मैदान पर आरएसएस के क्षेत्रीय संगठन शामिल हो रहे हैं। इसी आयोजन में जेन-जी आंदोलन के बाद संघ भी युवा आबादी से संवाद और परिचर्चा का आयोजन कर रहा है। भोपाल में शाखा संगम में सह कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले जेन-जी को मार्गदर्शन देंगे।

भाजपा ने भी बनाई है रणनीति

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवा पीढ़ी और जेनजी वोटरों से सीधे जुड़ाव के लिए विशेष जेनजी आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत अलग-अलग टीमें युवाओ की आकांक्षाओं, रोजगार की चिंताओं और उनकी आशाओं को समझने के लिए सीधे संवाद स्थापित करेगी। भाजपा भी चाहती है कि वे युवा वर्ग को अपने साथ जोड़े जो आगे आने वाले समय में मददगार हों। मध्यप्रदेश भाजपा भी युवाओं को अपने संगठन में और नए प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी में स्थान दे रही है। आने वाले समय में सोशल मीडिया और जेनजी किसी भी पार्टी के लिए ताकत बन सकते हैं, इसलिए पार्टियों का आकर्षण इनकी तरफ बढ़ा हुआ है।

Gen Z पर क्यों है फोकस

-जेनजी अगले कुछ सालों में मतदाताओं का बड़ा वर्ग बन सकता है। इनसे संवाद करना जरूरी है।
-जिन मुद्दों का जेनजी से सीधा सरोकार है, उन्हें प्राथमिकता में रखना जरूरी है।
-सोशल मीडिया के जरिए भी जेनजी को जोड़कर रखा जा सकता है।
-भाषणबाजी से अलग सीधे मुद्दों की बात करना चाहते हैं जेनजी।
-युवाओं की बढ़ती आबादी एक बड़ा संगठन बन सकता है।

Updated on:
18 Sept 2026 07:44 pm
Published on:
18 Sept 2026 07:37 pm