
इंदौर में पिछले 1 वर्ष में यूथ और विमेंस में बढ़ रहा भजन जैमिंग कल्चर
इंदौर। इंदौर में भजन जैमिंग एक नया दौर शुरु हो चुका है। ईश्वर से जुडऩे के लिए नई पीढ़ी को समझाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। भक्ति सिर्फ मंदिर, भजन संध्या या पारंपरिक कीर्तन तक सीमित नहीं रह गई है। शहर की यूथ पीढ़ी भक्ति संगीत को अपने अंदाज में जी रही है। गिटार, ड्रम, कैजन और आधुनिक बीट्स के साथ सामूहिक रूप से भजन गाने और झूमने का चलन यूथ को आकर्षित कर रहा है। इसे भजन जैमिंग या भजन क्लबिंग कहा जा रहा है। शहर में यूथ के बीच ऐसे संगीत-आधारित आध्यात्मिक आयोजनों की रुचि दिखाई दे रही है। जुलाई 2026 में इंदौर पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी जेनजी के बीच संगीत, सत्संग और कीर्तन को सामाजिक जुड़ाव और आध्यात्मिक अनुभव के नए रूप के तौर पर उभरते बताया गया।
लाइफ स्टाइल विशेषज्ञ और कोच का कहना है कि भजन जैमिंग की विशेषता है कि इसका इंटरएक्टिव फॉर्मेट है। यहां लोग सिर्फ कलाकार को सुनने नहीं आते, बल्कि स्वयं भी गाते, तालियां बजाते और वाद्ययंत्रों के साथ जुड़ते हैं। पारंपरिक भजनों को गिटार, ड्रम, की-बोर्ड या कैजन के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इससे आयोजन का माहौल किसी म्यूजिक जैम सेशन जैसा बन जाता है। देश के कई शहरों में यह संस्कृति जेन जी और मिलेनियल्स के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
यूथ के साथ विमेंस भी शामिल
इंदौर में भक्ति आधारित आयोजनों में युवतियों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पहले से दिखाई देती रही है। भजन संध्या में महिलाओं और युवतियों के सामूहिक रूप से भजनों पर थिरकने की स्थानीय रिपोर्टिंग भी हुई है। अब जैमिंग फॉर्मेट इसे और अधिक सहभागिता वाला बना रहा है। कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर वर्किंग विमेंस और यूथ प्रोफेशनल्स तक ऐसे आयोजनों को दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने के एक विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
समाज से जुड़ रही जेन जी
जेन जी की जिंदगी में सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट की बड़ी भूमिका है, लेकिन भजन जैमिंग उन्हें स्क्रीन से बाहर आकर सामूहिक अनुभव का मौका देता है। साथ बैठना, एक साथ गाना और संगीत की लय में शामिल होना सामाजिक जुड़ाव बढ़ाता है। शहर में यूथ के बीच आध्यात्मिक संगीत को संगीत और कम्युनिटी एक्सपीरियंस के साथ जोडऩे का यह रुझान इसी बदलाव की ओर संकेत करता है।
सकारात्मकता के बीच मन को सुकून देने वाला माहौल
संगीत कार्यक्रम तो कई बार करते रहे है, लेकिन हमने जब जैमिंग सदस्यों के लिए किया, तो एक अलग ही अनुभव हर एक सदस्य को हुआ। जैमिंग के विषय में हमने लगभग 2 वर्ष पहले सुना था। हालांकि इतना ज्यादा शहर में देखा नहीं जा रहा था। इसकी की रील्स भी मैं उन दिनों लगातार सोशल मीडिया पर देख रहा था। पिछले 1 वर्ष से हमने 3 जैमिंग सेशन किए। इसमें हम सभी सदस्य साथ मिलकर सिंगर्स के साथ गाते है और इंस्ट्रूमेंट बजाते है।
-श्रेय कोठारी, प्रेसीडेंट, जैन क्रिस्टल ग्रुप।
नए अनुभव के लिए मन को तैयार करना
जैमिंग सभी के लिए एक नया अनुभव था। जो सुकून सिर्फ मंदिरों में मिलता था, वह भजन जैमिंग में मिल रहा है। इसके साथ ही सत्संग से भी एक अलग ही अनुभव होता है। पूरा माहौल पॉजीटिव रहता है। समय बदल रहा है। तेजी से भाग रही लाइफ स्टाइल में मन को शांत करने के लिए जैमिंग सबसे अच्छा विकल्प है।
-पूर्वा जैन, चेयरपर्सन, मैराकी ग्रुप।
कृष्ण जन्माअष्टमी से शुुरु किया जैमिंग
वर्ष 2025 में श्रीकृष्ण जन्माअष्टमी से ग्रुप के सदस्यों के लिए जैमिंग की शुरुआत हुई थी। कृष्ण भजनों को एक साथ गाने का अनुभव बहुत ही अद्भूत था। इसके बाद हम ग्रुप के लिए 3 जैमिंग सेशन कर चुके है। एक संगीत सुनना होता है और दूसरा संगीत सुनने के साथ ही गायकों के साथ ताल मिलाकर गाने का अनुभव बहुत ही अलग होता है। इसे हमने अनुभव किया, जो पूरी तरह सकारात्मकता से परिपूर्ण रहा।
-स्निग्धा जैन, प्रेसीडेंट, एलीट ग्रुप।
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भजन जैमिंग पसंद के कारण-
-भक्ति का मॉडर्न फॉर्मेट।
-पैसिव नहीं, एक्टिव पार्टिसिपेशन।
-संगत और कम्युनिटी।
-सुकून और अनवाइंडिंग।
़-फैमिली-फ्रेंडली माहौल।
जैमिंग आखिर है क्या?
जैमिंग का अर्थ है बिना बहुत औपचारिक मंचीय प्रस्तुति के संगीतकारों और गायकों का साथ मिलकर संगीत बनाना। इसमें तय गीत के साथ-साथ तत्काल ताल, इंस्ट्रूमेंट और गायन का मेल भी हो सकता है। भजन जैमिंग में यही कॉन्सेप्ट भक्ति संगीत के साथ जुड़ता है, जहां भजन सामूहिक गायन और आधुनिक संगीत वाद्यों के साथ प्रस्तुत किए जाते हैं।