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भाजपा का नियुक्ति पर फोकस ! कैलाश विजयवर्गीय की जिद की वजह नहीं सुलझ रही गुत्थी

Kailash Vijayvargiya news: दतिया चुनाव परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के लिए खाली पदों पर नियुक्तियों पर फोकस कर रही है।
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Kailash Vijayvargiya: नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज (Photo Source - Patrika)

Kailash Vijayvargiya: नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज (Photo Source - Patrika)

Indore news: भाजपा संगठन को अब डर सता रहा है कि नियुक्ति नहीं करने की नाराजगी कहीं कार्यकर्ताओं के दिल और दिमाग में घर ना कर जाए। दतिया चुनाव परिणाम के बाद पार्टी का पूरा फोकस सरकारी पदों में कार्यकर्ताओं की नियुक्ति पर है। इसी कड़ी में इंदौर विकास प्राधिकरण पर भी मंथन चल रहा है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की जिद की वजह से गुत्थी नहीं सुलझ रही है। वे हरिनारायण यादव को बनाना चाहते है तो इंदौर का कोई भी नेता उनके पक्ष में नहीं है।

इधर, कार्यकर्ता को बनाकर संगठन को अच्छा संदेश जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते हैं कि सरकार के सभी खाली पड़े राजनीतिक पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएं, जिसको लेकर संगठन से नाम भी मांग लिए गए हैं। जहां पर कोई विवाद नहीं था उन सभी जगहों पर नियुक्ति हो गई, लेकिन रस्साकशी वाली अधिकांश जगहों को रोक दिया गया था।

नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज

अब जब दतिया के चुनाव परिणाम सामने आए जिसमें भाजपा की लुटिया डुबोने वाले कोई और नहीं कार्यकर्ता ही थे, इस बात का खुलासा होने के बाद पार्टी अब कार्यकर्ताओं को साधने में जुट गई है। एक बार फिर निगम, मंडल और प्राधिकरण सहित अन्य खाली पदों पर नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसमें इंदौर का नाम सबसे ऊपर है, क्योंकि यहां से अब तक किसी भी नेता को मोहन सरकार में पद नहीं मिला है, इसलिए सबसे पहले इंदौर विकास प्राधिकरण की घोषणा की जा सकती है, जिसमें अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित संचालक मंडल में आठ नेताओं को उपकृत किया जा सकता है।

अध्यक्ष को लेकर ही गुत्थी उलझी हुई है, जो कि सुलझने का नाम नहीं ले रही है। संगठन चाहता है कि खाटी कार्यकर्ता को बनाया जाए जिसके संबंध सभी से अच्छे हो और जमीनी कार्यकर्ताओं को लगे कि उनके बीच के व्यक्ति को मौका दिया गया। इधर संगठन बीच का रास्ता निकालने के मूड में आ गया है।

विजयवर्गीय एक तरफ बाकी नेता दूसरी तरफ

इधर, मंत्री विजयवर्गीय चाहते हैं कि उनके खास हरिनारायण यादव को अध्यक्ष बनाया जाए, लेकिन सांसद, महापौर और विधायकों की राय भिन्न-भिन्न है। सभी ने अपनी अपनी पसंद के नाम दिए हैं, जिसमें से कुछ नाम कॉमन हैं। ऐसी स्थिति बनने से गुत्थी उलझी हुई है। विजयवर्गीय का तर्क है कि उनका विभाग होने के साथ गृह क्षेत्र है, तो उनकी पसंद से अध्यक्ष बनाया जाए। इधर, भोपाल में बैठे सत्ता व संगठन के कई नेताओं को ये बात और नाम दोनों ही हजम नहीं हो रहे हैं।

सुदर्शन, मुकेश और कमलेश मजबूत दावेदार

इंदौर एक से दो बार विधायक रहे सुदर्शन गुप्ता का नाम आइडीए अध्यक्ष के दावेदारों में सबसे ऊपर है। उनके संबंध सभी जनप्रतिनिधियों से बहुत अच्छे हैं तो केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी चाहते है कि उन्हें मौका दिया जाए। बड़ी बात ये है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उन्हें तवज्जो देते हैं। इधर, कमलेश शर्मा और मुकेश राजावत का नाम दमदार है। शर्मा को संघ की लॉबी पसंद करती है तो राजावत के लिए एबीवीपी व भाजपा के कई नेता मदद कर रहे हैं।