इंदौर

एमपी में जल्द दौड़ेंगी सरकारी बसें, ‘150 कर्मचारियों’ की होगी संविदा भर्ती

MP News: अप्रेल में बसों को अनुबंधित (लीज पर लेने) की प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संचालन शुरू किया जाएगा....

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Jan 19, 2026
Government buses प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश में सरकारी बसों के संचालन की तैयारी तेज हो गई है। इन बसों के चलने से एमपी के लोगों के लिए नौकरी के लिए नए रास्ते भी खुलेंगे। जानकारी के मुताबिक एआइसीटीएसएल में 150 कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन और टीसीएस के माध्यम से लिखित परीक्षा द्वारा होगी। सभी कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा।

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चरणबद्ध तरीके से शुरु होगा संचालन

जानकारी के लिए बता दें कि अप्रेल में बसों को अनुबंधित (लीज पर लेने) की प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संचालन शुरू किया जाएगा। इंदौर संभाग में बसों का संचालन एआइसीटीएसएल के हाथ में रहेगा, जबकि प्रदेश के अन्य संभागों में अलग-अलग सहायक कंपनियां यह जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार ने बस संचालन को चार प्रमुख फैक्टर पर आधारित करने की योजना बनाई है। दावा किया जा रहा है कि इससे यात्रियों को सुरक्षित, अनुशासित और नियमित बस सेवा मिलेगी, वहीं बस ऑपरेटरों की आय भी मौजूदा व्यवस्था से बेहतर होगी।

एक रंग-एक पहचान की योजना

सफेद-नारंगी रंग की बसों पर हो रहा है विचार सरकारी बसों को एक समान पहचान देने के लिए एक ही रंग की बसें चलाने की योजना है। फिलहाल सफेद और नारंगी रंग को लेकर विचार किया जा रहा है, हालांकि अंतिम फैसला अभी होना बाकी है।

कमाई का नया मॉडल

95% ऑपरेटर को, 35% कंपनी को सरकारी बस सेवा के लिए नया रेवेन्यू मॉडल तय किया गया है। 95 प्रतिशत आय बस ऑपरेटर को और 5 प्रतिशत हिस्सा कंपनी के पास रहेगा। पूरी कमाई का डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम रहेगा।

कैमरे, व्हीकल ट्रैकिंग और कंट्रोल रूम से निगरानी

यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना अनिवार्य होगा। सभी बसों की निगरानी कंपनी के कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसके अलावा फ्लाइंग स्क्वॉड भी बनाया जाएगा, जो आकस्मिक जांच करेगा।

अब 2-2 मिनट की होड़ नहीं, 15 मिनट का तय अंतराल

निजी बसों पर अकसर आरोप लगते हैं कि वे यात्रियों की होड़ में 2-2 मिनट के अंतराल में बसें चलाकर तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं। नई पॉलिसी के तहत इंदौर-उज्जैन जैसे व्यस्त रूट पर हर 15 मिनट में बस चलेगी। इससे बस में औसतन 70 प्रतिशत यात्री भराव सुनिश्चित होगा। दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी।

तीन चेतावनी, चौथी गलती पर अनुबंध निरस्त

अनुशासन तोड़ने पर पहली, दूसरी और तीसरी बार चेतावनी दीजाएगी। चौथी बार अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित बस दोबारा सड़क पर नहीं आ सकेगी।

यात्रियों के लिए यह व्यवस्था क्यों अहम

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Updated on:
19 Jan 2026 04:21 pm
Published on:
19 Jan 2026 04:18 pm
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