
illegal colonies प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News: शहर में तेजी से बढ़ रही आबादी के लिए घर जरूरी है और इसी जरूरत की आड़ में अवैध कॉलोनी का कारोबार भी जोर पकड़ता जा रहा है। बात करें शहरी क्षेत्र की तो नरेला में आज भी सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां बनी है। हुजूर क्षेत्र ने नरेला को पीछे छोड़ते हुए ग्रामीण इलाके में सर्वाधिक अवैध कॉलोनियों का टाइटल हासिल कर लिया है। जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट पर हुजूर क्षेत्र की सवा सौ ऐसी कॉलोनियों को चिह्नित किया गया है, जिनमें बगैर किसी अनुमति के ही निर्माण कर लिया है।
लोगों से अपील की है कि इन कॉलोनी में इन्वेस्टमेंट नहीं करें। जिन लोगों ने इन्वेस्टमेंट कर लिया है, उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाएगा। जिला प्रशासन अवैध तरीके से की गई प्लॉटिंग और कंस्ट्रक्शन पर मप्र सरकार के निर्देशानुसार बुलडोजर चलाएगा।
हुजूर तहसील के एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया, तहसील क्षेत्र के बिलखिरिया, नीलबड़, सेमरी वाज्याफ्त, रोलूखेड़ी, छापरी गांव, मुगालिया छाप, कानासैंया क्षेत्र में बिना अनुमति अवैध तरीके से प्लॉटिंग की जा रही थी। इन अवैध कॉलोनियों पर कलेक्टर के निर्देश पर बीते कुछ माह में 35 करोड़ की 25 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया है। इसके अलावा यहां पर न तो रेरा की अनुमति थी और न ही कॉलोनाइजर लाइसेंस, ऐसे लोगों पर भी एक्शन लिया गया है।
नगरीय सीमा से लगे सेवनिया ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, कालापानी, सुरैया नगर, छावनी पठार, कुराना, कानासैया, खंडाबर, सिकंदराबाद, थुआखेड़ा, शोभापुर, कोलुआ खुर्द, अरेड़ी, नरेला वाज्याफ्त, इब्राहिमपुरा, जगदीशपुर, कलखेड़ा, हज्जामपुरा, अचारपुरा, बसई, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी सड़क, अरवलिया, मुबारकपुर, बीनापुर, गोलखेड़ी, चौपड़ा कलां सहित बसई शामिल हैं।
सभी एसडीएम द्वारा अवैध कॉलोनियों को लेकर क्या-क्या काम किए गए हैं, उसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। अवैध कॉलोनियां, जिनकी सूची तैयार है। उन पर तत्काल एक्शन लिया जा रहा है। - कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
Updated on:
18 Jan 2026 11:30 am
Published on:
18 Jan 2026 11:30 am
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