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दलित और आदिवासी विरोधी है बीजेपी, विधायकी रद्द करने पर भड़के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी

Jitu Patwari - विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 से जुड़ी याचिका पर सुनाए गए फैसले पर राज्य की सियासत गरमाई

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Congress State President Jitu Patwari furious at BJP for cancelling MLA election

Congress State President Jitu Patwari furious at BJP for cancelling MLA election

Jitu Patwari - मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 से जुड़ी याचिका पर सुनाए गए फैसले पर राज्य की सियासत गरमा गई है। कोर्ट ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को नामांकन के दौरान शपथपत्र में आपराधिक मामलों की सही जानकारी छिपाने और गलत घोषणा करने का दोषी मानते हुए उनका चुनाव शून्य घोषित कर दिया। इसके साथ ही याचिकाकर्ता पूर्व मंत्री और विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में दूसरे स्थान पर रहे बीजेपी के उम्मीदवार रामनिवास रावत को निर्वाचित विधायक घोषित कर दिया। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी Jitu Patwari ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में उसका दलित और आदिवासी विरोधी चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात भी दोहराई।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, मंगलवार को पत्रकारों के रूबरू हुए। उन्होंने विजयपुर उपचुनाव को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय को आश्चर्यजनक बताया। जीतू पटवारी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का दलित और आदिवासी विरोधी चेहरा बेनकाब कर दिया है। उन्होंने विजयपुर उपचुनाव के मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की भी बात कही।

सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बताया कि हम आज ही सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताया। जीतू पटवारी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सत्य और लोकतंत्र की रक्षा होगी। दलित-आदिवासी समाज के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

कांग्रेस के आदिवासी नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का भी प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, जो आदिवासी समाज से आते हैं, उन्हें “औकात” जैसे अपमानजनक शब्द कहकर अपमानित किया जाता है और अब एक हारे हुए प्रत्याशी को विजेता घोषित करवाने के लिए एक आदिवासी विधायक का निर्वाचन ही शून्य घोषित कर दिया गया। यह घटनाक्रम साफ दिखाता है कि दलित-आदिवासी समाज के सम्मान और लोकतंत्र की भावना के साथ BJP द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है।