महूनाका से टोरी कॉर्नर तक की प्रस्तावित सड़क के निर्माण और हटाए जाने वाले अतिक्रमण को लेकर विरोध शुरू हो चुका है। गुरुवार को स्थानीय रहवासियों ने अफसरों को घेर लिया। रहवासियों का कहना था कि 100-100 साल पुरानी रजिस्ट्री है हमारी, मकान हटाना है तो कानूनी कार्रवाई करो, मुआवजा दो। इधर, निगम अफसरों ने कहा कि नोटिस दे रहे हैं, कोर्ट में भी केविएट लगा दी है और शीघ्र ही बाधक निर्माण हटाने का काम भी सख्ती से शुरू किया जाएगा।
सड़क के लिए 80 फीट की चौड़ाई को लेकर गुरुवार को निशान लगाए जा रहे थे। इस दौरान छत्रीपुरा के रहवासियों ने अफसरों को घेर लिया। रहवासियों ने अपने दस्तावेज दिखाए, निगम अधिकारी वहां से नदारद हो गए। बाद में निगम की रिमूवल जीप यहां पर घूमती रही और जनता को 23 तारीख तक सामान हटाने की चेतावनी देकर रवाना हो गई। रहवासियों ने शुक्रवार को पीडि़त लोगों की बैठक शाम 4 बजे प्रेमकुमारी देवी अस्पताल प्रांगण में आयोजित की है।
नगर निगम की योजना शाखा के अधिकारी गुरुवार को बाराभाई पुलिया से आगे के हिस्से में छत्रीपुरा-मालगंज जाने वाले हिस्से में सड़क की नपती करने पहुंचे थे। यहां मकानों पर 15 से 20 फीट अंदर तक निशान लगा दिए। इसके साथ ही अधिकारी 23 तारीख तक कब्जा हटाने की चेतावनी देते हुए चल रहे थे। इसके विरोध में रहवासी छत्रीपुरा थाने के सामने दुकानों पर बैठे निगम योजना शाखा के कार्यपालन यंत्री महेश शर्मा को घेर लिया।
रहवासियों ने कहा, उनके मकानों के नक्शे निगम से स्वीकृत हैं। रिमूवल के लिए पहले नोटिस देना पड़ेगा। रहवासी के पास 1965-1970 में स्वीकृत नक्शे है, जिनमें सड़क की चौड़ाई 42 फीट मानकर मकान बनाने की इजाजत दी गई है। रहवासियों का कहना है, निगम कानूनी तरीके से काम करे।
बसाने वाले का टूटेगा मकान
बियाबानी का पूरा क्षेत्र वैद्य ख्यालीराम के द्वारा बसाया था। इसके चलते ही बियाबानी का मुख्य मार्ग भी वैद्य ख्यालीराम के नाम से ही है। वैद्य ख्यालीराम का मकान भी इसी रोड पर है। जिसमें फिलहाल उनके परिजन रह रहे हैं। नगर निगम ने उनके मकान को तोडऩे के लिए भी निशान लगाएं हैं। जबकि उनके घर की रजिस्ट्री 1918 में हुई थी। इसी घर में संयुक्त मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ला की शादी हुई थी।
नगर निगम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए महूनाका से बाराभाई के बीच के हिस्से में जो मकान तोड़े थे।, वहां के रहवासी बचे हुए हिस्से को सही करते रहे। वहीं मकानों के सामने से दिनभर मलबा हटाते रहे।
नगर निगम द्वारा नक्शा स्वीकृत होने के बाद भी बगैर नोटिस दिए ही मकानों को तोड़े जाने के खिलाफ छत्रीबाग और वैद्य ख्यालीराम मार्ग के रहवासी और दुकानदारों ने देर शाम को एक बैठक प्रेमकुमारी देवी हॉस्पिटल में की। इस बैठक में 300 से ज्यादा रहवासी और दुकानदार शामिल हुए। बैठक में नगर निगम की कार्रवाई को रहवासियों ने गुंडागर्दी बताते हुए इसके खिलाफ लडऩे की सहमति दी। वहीं रहवासियों ने तय किया कि इसके खिलाफ वे लोग हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
रहवासियों को बगैर नोटिस दिए हम कार्रवाई नहीं करेंगे। उन्हें नोटिस जारी करवाए जा रहे हैं, हम पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया से ही करेंगे। इस सड़क में किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए हमने गुरुवार को केविएट याचिका कोर्ट में दायर कर दी है।