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तीन दिन की देरी के बाद केरल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश का IMD Alert

Monsoon Progress India: तीन दिन की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में यह महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश तक पहुंचेगा। 24 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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भारत

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Satya Brat Tripathi

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KanaRam Mundiyar

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Updated: 5 Jun 2026, 12:58 AM IST

Southwest Monsoon reaches Kerala with heavy rain and strong winds.

IMD ने 24 घंटे में 24 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। केरल के कोच्चि का दृश्य (File Photo/ANI)।

Monsoon: देश का दक्षिण पश्चिम मानसून तीन दिन देरी के बाद गुरुवार को केरल पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर में पश्चिमी हवाओं का दबाव कम होने के कारण मानसून पिछले कुछ दिन से केरल से कुछ दूरी पर अटका रहा। परिस्थितियां अनुकूल हुई तो मानसून ने गुरुवार रात में ही केरल में धमाकेदार एंट्री कर ली और तेज हवाओं व भारी बारिश के साथ पूरे केरल एवं तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया।

आईएमडी के सैटेलाइट मैप के मुताबिक अगले 2-3 दिनों में मानसून गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को कवर कर सकता है। साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों और बंगाल की खाड़ी के कुछ क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की संभावना है। अगले 7 दिन तक केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश होगी। साथ ही उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत एवं उत्तर-पूर्व के राज्यों में प्री-मानसून की अच्छी बारिश हो रही है। गुरुवार को राजधानी दिल्ली, एनसीआर, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हुई।

5 जुलाई तक पूरे देश को कवर करेगा

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून 15 से 20 जून के बीच मध्यप्रदेश,गुजरात व राजस्थान में प्रवेश कर सकता है। 5 जुलाई तक देश के सभी राज्यों को कवर कर लेगा। इससे पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश जारी रहेगी। मानसून 13 सितंबर से लौटना शुरू होगा और 15 अक्टूबर तक पूरे देश से वापसी हो जाएगी। ऐसे में जून से अक्टूबर तक करीब साढ़े चार माह मानसून की गतिविधियां जारी रहेगी।

24 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी

आईएमडी ने अगले 24 घंटों के लिए ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना समेत 24 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राजस्थान, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश, ओले गिरने और तेज हवाओं का खतरा है। दिल्ली-एनसीआर में 50-70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-बारिश, बिजली गिरने की आशंका है।

देश में दो प्रकार के मानसून

दक्षिण-पश्चिम मानसून: यह प्रमुख मानसून है, जिसे आमतौर पर 'मानसून' कहा जाता है। अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आता है। सामान्य रूप से 1 जून को केरल से शुरूआत होती है। सितंबर के अंत तक गतिविधियां जारी रहती है। पूरे देश (खासकर उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत) की 75-90% बारिश इसी मानसून से कवर होती है।

उत्तर-पूर्व मानसून : इसे शीतकालीन मानसून, रिट्रीटिंग मानसून या उत्तर-पूर्वी मानसून भी कहते हैं। अक्टूबर के मध्य (लगभग 15-20 अक्टूबर) से शुरू होता है और दिसंबर तक रहता है। हिमालय से ठंडी हवाएं दक्षिण की ओर चलती हैं। ये बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आती है तब यह मानसून आता है। मुख्य रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल के कुछ हिस्सों और पूर्वी तट पर ही प्रभाव रहता है। उत्तर भारत में इस मानसून का प्रभाव नहीं होता।

जलाशयों में दो माह का पानी

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार देश में निगरानी वाले 166 प्रमुख जलाशयों में कुल क्षमता 183.56 बीसीएम के विपरीत मध्य मई तक 34.45 प्रतिशत यानी 63.23 बीसीएम पानी बचा है। इस पानी से दो माह तक पेयजल व सिंचाई की पूर्ति की जा सकती है। अधिकतर जलाशयों में पानी सामान्य स्तर से नीचे है और गर्मियों में तेजी से घटा है। प्रमुख 13 बड़े जलाशयों में पानी 50 प्रतिशत से नीचे आ गया है। इस बार मानसून कमजोर रहता है तो जलाशयों की भराव क्षमता प्रभावित होगी और इसका प्रभाव गांवों-शहरों की पेयजल व कृषि सिंचाई पर पड़ेगा।