
Indore news: पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के हवलदार फिरोज के यहां लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद शुरू हुई पड़ताल में अब दूसरे लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के मामले भी सामने आ रहे हैं। जांच के दौरान फिरोज के ड्राइवर की पत्नी रानू का नाम सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसके नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी। अब लोकायुक्त की टीम यह पता लगा रही है कि उसके नाम पर पहले भी कितनी संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई हैं और इन सौदों में निवेश कितना था। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक टीम को आशंका है कि फिरोज ने अपनी संपत्तियों को सीधे अपने नाम पर दर्ज कराने के बजाय अधीनस्थ कर्मचारियों या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर जमीन खरीदी हो सकती है।
इस तरह के सौदों में नाम किसी दूसरे व्यक्ति का होने के बावजूद संपत्ति पर वास्तविक नियंत्रण उसका रहता था। जांच के दौरान रानू कुशवाहा के नाम पर एक अन्य कृषि भूमि होने की जानकारी भी सामने आई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब ढाई करोड़ रुपए बताई जा रही है। लोकायुक्त की टीम अब पंजीयन विभाग से रिकॉर्ड जुटा रही है ताकि यह पता चल सके कि संबंधित लोगों के नाम पर कब-कब जमीन खरीदी गई और रजिस्ट्रियों में भुगतान किसने और कैसे किया गया।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह भी पता लगाया जा रहा है कि जिन लोगों के नाम पर जमीन खरीदी गई क्या रजिस्ट्री के दस्तावेज फिरोज अपने पास रखता था। आशंका है कि ऐसा करके संपत्तियों पर नियंत्रण बनाए रखा जाता था और नाम धारकों के लिए उन्हें दूसरे व्यक्ति को बेचना आसान नहीं था। जमीन की बिक्री या अन्य लेनदेन के बदले संबंधित लोगों को कमीशन देने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन दावों की पुष्टि होना बाकी है। लोकायुक्त की टीम अब संपत्तियों के दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़े तथ्यों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी संपत्तियां दूसरों के नाम पर खरीदी गईं और उनमें फिरोज की वास्तविक निवेश कितना था।
लोकायुक्त की टीम ने हाल ही में फिरोज खान के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद से ही उसके बारे में नई जानकारियां सामने आ रही हैं। टीम को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों में निवेश के साथ उसकी कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़ी जानकारी भी मिली है। कुछ अन्य जमीनों और संपत्तियों के बारे में भी सूचनाएं दी गई हैं। लोकायुक्त अधिकारी अब इन जानकारियों का सत्यापन कर रहे हैं। संबंधित जमीनों के दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्तियां किसके नाम पर हैं और उनमें फिरोज का कितना निवेश है।