Indore Metro : शहर में खाली दौड़ रही इंदौर मेट्रो के नुकसान की भरपाई के लिए मेट्रो प्रबंधन ने नया प्लान तैयार किया है। मेट्रो में जश्न और शूटिंग की जा सकेगी। यही नहीं, लोग इसमें बर्थडे और किटी पार्टी भी कर सकेंगे, बस उन्हें निर्धारित शुल्क चुकाना होगा।
Indore Metro :मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा संचालित इंदौर मेट्रो सेवाएं अभी उम्मीद के मुताबिक यात्रियों को नहीं जुटा पा रही हैं। कई रूट्स पर मेट्रो कोच खाली या बेहद कम यात्रियों को ले जाते नजर आ रहे हैं। मेट्रो ऑपरेशन की लागत का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब मेट्रो प्रबंधन ने नुकसान की भरपाई करने के लिए नया तरीका खोज निकाला है। मेट्रो प्रबंधन ने इस तरीके का नाम 'Celebration on Wheels' स्कीम रखा है।
इस योजना के तहत अब मेट्रो कोच और स्टेशन परिसर को इवेंट और शूटिंग के लिए किराए पर दिया जाएगा। यानी जो कोच अब तक खाली दौड़ रहे थे, उन्हें इस तरह कमाई का जरिया बनाया जाएगा।
इस संबंध में मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य का कहना है कि, ये पहल शहरवासियों के बदलते लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, लेकिन इसके पीछे मेट्रो की आय बढ़ाना और खर्चों को संतुलित करना भी एक अहम उद्दैश्य है। उम्मीद है कि, इससे मेट्रो की आय में बढ़ोतरी होगी।
प्रबंधन द्वारा शुरु की जा रही इस नई स्कीम के तहत मेट्रो में बर्थडे पार्टी, किटी पार्टी, प्री-वेडिंग शूट, फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग के साथ साथ एडवर्टाइजमेंट और फोटोशूट जैसे आयोजन भी किए जा सकेंगे। इससे मेट्रो का खाली समय और स्पेस अब सीधे कमाई में बदल सकेगा।
मेट्रो ने इसके लिए फीस भी तय कर दी है, स्थिर कोच के लिए 5,000 रुपए प्रति घंटा और चलती मेट्रो के लिए 7,000 रुपए प्रति घंटा। साथ ही 20,000 रुपए की सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देना होगा। बुकिंग के लिए कम से कम 15 दिन पहले आवेदन करना होगा और “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर स्लॉट मिलेगा।
इवेंट्स के बावजूद मेट्रो में सुरक्षा के नियमों को सख्त रखा जाएगा। हर आयोजन से पहले जांच होगी और ज्वलनशील सामान, शराब, धूम्रपान जैसी चीजों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
स्पष्ट है कि कम यात्रियों की वजह से बढ़ते खर्च ने मेट्रो को नए विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। 'Celebration on Wheels' स्कीम के जरिए अब मेट्रो अपने खाली कोच को कमाई में बदलकर नुकसान की भरपाई करना चाहती है। अगर ये मॉडल सफल रहा तो आगामी दिनों में मेट्रो सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि इवेंट और एंटरटेनमेंट का नया केंद्र भी बनकर उभरेगा।