इंदौर

वीडियो – हनीट्रैप- जज के सामने फूट-फूटकर रोई आरती, बोली पुलिस ने किया प्रताडि़त, रिमांड मत दीजिए, 27 तक मिल गया रिमांड

पुलिस ने कोर्ट से मांगा था सात दिन का रिमांड, दिया 27 सितंबर तक पुलिस ने कोर्ट से कहा इन्होंने कई बड़ी हस्तियों को किया है ब्लैकमेल कोर्ट के रिमांड अवधि बढ़ाने वाले ऑर्डर पर साइन करने से कर दिया था इंकार  

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Sep 22, 2019
वीडियो - हनीट्रैप- जज के सामने फूट-फूटकर रोई आरती, बोली पुलिस ने किया प्रताडि़त, रिमांड मत दीजिए, 27 तक मिल गया रिमांड,वीडियो - हनीट्रैप- जज के सामने फूट-फूटकर रोई आरती, बोली पुलिस ने किया प्रताडि़त, रिमांड मत दीजिए, 27 तक मिल गया रिमांड,वीडियो - हनीट्रैप- जज के सामने फूट-फूटकर रोई आरती, बोली पुलिस ने किया प्रताडि़त, रिमांड मत दीजिए, 27 तक मिल गया रिमांड

इंदौर. हनीट्रैप की आरोपी आरती और मोनिका को लेकर पुलिस रविवार को करीब शाम 4 बजे कोर्ट लेकर पहुंची। यहां पुलिस ने जैसे ही कोर्ट के सामने दोनों महिला आरोपी को सात दिन की रिमांड में रखने के लिए अपील की वैसे ही आरती रोने लगी। आरती ने रोते-रोते कोर्ट से कहा पुलिस हमें पूछताछ में बहुत प्रताडि़त कर रही है। रिमांड मत दीजिए।

पुलिस ने कोर्ट से कहा इन्होंने कई बड़ी हस्तियों को ब्लैकमेल किया है इसलिए हमें छानबीन के लिए छतरपुर, राजगढ़ और भोपाल जाने के लिए रिमांड चाहिए। तब ही कोर्ट ने 27 सितंबर तक दोनों महिला आरोपी को रिमांड रखने की अनुमति दी। वहीं आरोपी ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी को रिमांड नहीं मिला। ड्राइवर का जेल वारंट कटा है और बाकि दोनों को 27 तक रिमांड मिली है।

आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ाई
आरती दयाल और मोनिका यादव पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराएं और बढा दी गई है। जानकारी मिली है कि आरती ने तीन आधार कार्ड बना रखे थे और मोनिका के भी 2 आधार कार्ड है। आरती और मोनिका के वकील ने रिमांड पर आपप्ति जताई थी। हालांकि कोर्ट ने 27 सितंबर तक रिमांड दे दिया है। इस दौरान कोर्ट के रिमांड अवधि बढ़ाने वाले ऑर्डर पर साइन करने से भी दोनों ने पहले इंकार कर दिया था।

आरती से तीन महीने पहले जुड़ी थी मोनिका
मोनिका को लेकर एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र का कहना है कि उसका जन्म 2000 में हुआ है। पढ़ाई की फीस के इंतजाम के लिए मोनिका तीन महीने पहले आरती से जुड़ी।

आरती ने कबूला - स्पाय कैमरे से बनाती थी वीडियो
आरती ने कबूला कि वह स्पाय कैमरे से वीडियो तैयार करती थी। मोबाइल से वीडियो बनाने में शंका हो जाती है, इसलिए विशेष स्पाय कैमरा मोबाइल में लगाया था। उसके मोबाइल से इंजीनियर हरभजन के साथ ही कुछ अन्य लोगों के वीडियो भी मिले हैं। इसमें सिर्फ हरभजन को छोडक़र बाकी लोग भोपाल के हैं। वहीं एडीजी वरुण कपूर का कहना है, ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस के सामने जितनी बातें आई हैं, सभी की जांच चल रही है। जो मोबाइल और लैपटॉप जब्त हुए हैं उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। अभी किसी और ने शिकायत नहीं की है और न ही किसी को गिरफ्तार किया है।

Published on:
22 Sept 2019 05:44 pm
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