निगमायुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं
इंदौर. प्रदेश में चल रहे चर्चित हनीट्रैप मामले में फंसे नगर निगम इंदौर के इंजीनियर हरभजनसिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निगमायुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पम्पिंग स्टेशन जलूद रहेगा।
10 मिनट के लिए दफ्तर आकर रवाना हो गए
हरभजनसिंह सोमवार को मूसाखेड़ी स्थित जलकार्य विभाग के अपने दफ्तर पर पहुंचे थे। हनीट्रैप का मामला उजागर होने पर हरभजन दो दिन की छुट्टी पर चले गए थे। सोमवार सुबह वे 11.15 बजे दफ्तर जरूर आए, लेकिन महज 10 मिनट में ही लौट गए। नेता प्रतिपक्ष फौजिया अलीम ने मांग की है कि हरभजनसिंह ने जितने भी टेंडर पर हस्ताक्षर किए हैं, जितने बिल पास किए हैं, उनकी जांच की जाए।
हरभजनसिंह को निलंबित करने के लिए नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर सोमवार को प्रभारी आयुक्त के हस्ताक्षर से पत्र नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी गया था। इसमें हरभजनसिंह के कारण नगर निगम की छवि खराब होने के साथ ही उनके द्वारा किए गए काम को भी सिविल सेवा नियमों के खिलाफ आचरण बताते हुए निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद उनके निलंबन आदेश जारी हो गए।