28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एमपी में PWD के दो अधिकारी 90 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ाए, लोकायुक्त की कार्रवाई

MP News: 17 लाख रुपये के भुगतान के एवज में PWD के दो अधिकारियों ने मांगी थी 60 और 30 हजार रुपये रिश्वत।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इंदौर

•

image

Shailendra Sharma

•

Updated: 7 Apr 2026, 9:45 PM IST

indore

pwd officers bribe 90k lokayukta action

MP News: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला इंदौर जिले का है जहां PWD के दो अधिकारियों को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।

17 लाख के बिल के भुगतान के एवज में मांगी रिश्वत

ग्वालियर के रामनगर में रहने वाले फरियादी राघवेन्द्र सिंह गुर्जर ने PWD इंदौर के दो अधिकारियों बालकुमार जैन, सहायक यंत्री/ प्रभारी कार्यपालन अधिकारी और धीरेन्द्र कुमार मीना उपयंत्री/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी के खिलाफ इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी राघवेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि वह ओम एंटरप्राइज, डीडी नगर, गोले का मंदिर ग्वालियर में लायजनिंग मैनेजर का कार्य करता है। आवेदक की फर्म ने राउ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सि‌टिंग का कार्य 20,00,000/- रू. में सितम्बर 2025 में लिया था। आवेदक की फर्म द्वारा उक्त कार्य एक माह में पूर्ण कर दिया था। आवेदक की फर्म द्वारा किये गये कार्य का जीएसटी सहित 17,00,000/- रू. का भुगतान होना था। जिसके लिये अधिकारी बालकुमार जैन ने 4 प्रतिशत के नाम पर 60 हजार रुपये और अधिकारी धीरेन्द्र कुमार मीना ने 2 प्रतिशत के नाम पर 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है।

रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा

लोकायुक्त की टीम ने फरियादी की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर 7 अप्रैल को रिश्वतखोर अधिकारियों को पकड़ने के लिए ट्रैप दल गठित किया। प्लानिंग के तहत लोकायुक्त की टीम ने फरियादी राघवेन्द्र सिंह गुर्जर को रिश्वत के 90 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर पीएडब्ल्यूडी अधिकारियों के पास भेजा। जैसे ही रिश्वतखोर अधिकारी बालकुमार जैन ने रिश्वत के 60 हजार और अधिकारी धीरेन्द्र कुमार मीना ने रिश्वत के 30 हजार रुपये लिए तो लोकायुक्त की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपीगण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रआर विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक शिवप्रकाश पाराशर, आदित्य भदौरिया, आरक्षक आशीष आर्य, शैलेन्द्र सिंह बघेल एवं आरक्षक कृष्णा अहिरवार शामिल रहे।

लोकायुक्त की अपील

लोकायुक्त टीम की ओर से अपील करते हुए कहा है कि लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। आमजन से अपील है की कोई अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।