इंदौर

एमपी के मंत्री का पितृ पर्वत पर कब्जा, रेस्ट हाउस के बाद 1 हजार क्षमता की बड़ी हॉस्टल का निर्माण

Pitru Parvat Indore : पितृ पर्वत अपडेट: धर्मशाला के बाद अब हॉस्टल का निर्माण चालू, रेवती रेंज में भी बना आशा हॉल, पौधरोपण अभियान की मंशा पर सवाल
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Updated: 30 Aug 2026, 11:06 AM IST
पितृ पर्वत में हॉस्टल का कर रहे निर्माण
पितृ पर्वत में हॉस्टल का कर रहे निर्माण - फोटो सोर्स : patrika and X @KailashOnline

Indore : इंदौर के देव धरम टेकरी (पितृ पर्वत) पर इन दिनों मंत्री समर्थक द्वारा हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। यहां धर्म, संस्कृति की शिक्षा और वेद अध्ययन करने वाले बटुकों के ठहराने की व्यवस्था होगी। करीब 1 हजार बटुकों के ठहरने की क्षमता वाले हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि ऐसे निर्माण को लेकर शासन की कोई योजना नहीं है। मालूम हो, इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का यहां आलीशान रेस्ट हाउस बन चुका है और धर्मशाला निर्माणाधीन है।

जिस स्थान को देशभर में लोग पितृ पर्वत के नाम से जानते हैं, यह पुराने समय में देव धरम टेकरी हुआ करता था। यहां नगर निगम का फिल्टर प्लांट था। फिल्टर प्लांट में अब भी यशवंत सागर का पानी फिल्टर कर शहर में सप्लाई की जाती है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यहां मंदिर का निर्माण कराया

कुछ समय पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यहां मंदिर का निर्माण कराया और अष्टधातु से निर्मित सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा की स्थापना की। इससे पहले इस पहाड़ी पर वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया था। दावा किया गया था कि पितरों की याद में पौधरोपण किया जा रहा है। शहरवासी भी पितरों की याद में यहां पौधरोपण कर सकते हैं। पौधरोपण के बाद अब यहां शासन की जमीन पर निजी निर्माण शुरू हो गए हैं। निर्माण या अन्य काम करने के लिए शासन की कोई योजना नहीं है। यही वजह है कि शहर में चल रहे पौधरोपण अभियान को लेकर शहरवासी सवाल खड़े कर रहे हैं, क्योंकि पौधरोपण अभियान की अगुआई भी मंत्री विजयवर्गीय ही कर रहे हैं।

शासन के नुमाइंदे खामोश

विजयवर्गीय ने पितृ पर्वत जैसा ही काम रेवती रेंज में भी किया। पितृ पर्वत पर विजयवर्गीय ने अपना आलीशान रेस्ट हाउस बनवाया। कुछ दिनों से विजयवर्गीय अपनी अहम मीटिंग और मेल मुलाकात यहीं कर रहे हैं। रेवती रेंज में भी आशा हॉल का निर्माण किया गया है। इस आशा हॉल का लोकार्पण मंत्री ने पत्नी आशा विजयवर्गीय के जन्मदिन पर उनके हाथों से ही फीता कटवाकर किया था।

हैरानी की बात यह है कि पितृ पर्वत और रेवती रेंज दोनों जगह पौधरोपण के बाद निजी या अन्य निर्माण करने पर शासन के नुमाइंदों ने कोई आपत्ति नहीं ली। निर्माण आदि को रोकने का प्रयास तक नहीं किया गया। पितृ पर्वत पर अनाधिकृत निर्माण को लेकर पत्रिका द्वारा उजागर करने के बाद शासन स्तर पर हलचल हुई है। जानकारी मिली है कि शासन स्तर पर सुझाव आया है कि इस जमीन को धर्मस्व या संस्कृति विभाग के अधीन लाया जा सकता है। शासन योजना बनाकर इसका विकास और रखरखाव करेगा। हालांकि इस पर पूर्ण सहमति नहीं बनी है, लेकिन अंदरखाने हलचल हो रही है।

Updated on:
30 Aug 2026, 11:06 AM IST
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