MP news: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर नगर निगम के बजट सम्मलेन के दौरान हुए वंदे मातरम विवाद को लेकर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और कांग्रेस इंदौर शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
MP news: बीते दिनों इंदौर नगर निगम में हुए वंदे मातरम् मामले (Vande Mataram Controversy) में शनिवार को एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकारों से चर्चा की। उनके साथ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी थे। उन्होंने इस दौरान भाजपा पर निशाना साधा और सीएम मोहन यादव के बयान का जवाब भी दिया। जीतू पटवारी ने कहा कि हमें इस बारे में बीजेपी से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। इस दौरान पटवारी ने बताया कि पार्षद रुबीना खान और फौजिया अलीम का मामला पार्टी की अनुशासन समिति के पास है।
पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वंदे मातरम् कांग्रेसियों और देशवासियों के रग-रग में है। राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान की स्थापना कांग्रेस की विचारधारा ने की है। हमें इस बारे में बीजेपी से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति भाजपा से सीखने की जरूरत नहीं है। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और देश का संविधान कांग्रेस की आत्मा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी (itu Patwari) ने भाजपा पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कहा कि भाजपा नेता ने मंदिर पर बावड़ी बनाकर कई लागों की हत्या कर दी। एमवाय में चूहाकांड क्यों हो गया। इंदौर का बायपास यमलोक बन गया। निगम के भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी किसकी है। एक सरकारी कार्यालय ऐसा नहीं है जो भ्रष्टाचार से नहीं बचा है।
जीतू पटवारी ने आगे बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि कोई बता दें कि एक भी ऑफिस भ्रष्टाचार रहित है तो बताने वाले का नागरिक अभिनंदन करूंगा और उसको 1 लाख का इनाम दूंगा। जो कार्यालय ऐसा होगा उसका भी राजबाड़ा पर नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। मुख्यमंत्री जवाब कब देंगे। गली-गली में एमडी बिक रही है। पटवारी ने मंत्री कैलाश की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जब चुनाव जीतकर आए थे, तो उन्होंने कहा था कि नशे के खिलाफ लड़ेगे, चाहे कुछ भी करना पड़े। बाद में बोले, ठाकुर के हाथ कट गए।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सवाल पूछते हैं कि वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है। जिस विचारधारा ने वंदे मातरम् को जन-जन तक पहुंचाया, देश की आत्मा बनाया, आज उन लोगों से सवाल उठा रहे हैं। जब देश की आजादी की लड़ाई चल रही थी, तब कुछ लोग अंग्रेजों के साथ थे, आज वे हमसे सवाल पूछते हैं और हम उन्हें जवाब देंगे। मेरे और कांग्रेस की रग-रग में राष्ट्रधर्म है।
पत्रिका द्वारा तीन बजट हंगामे के कारण बिना बहस के पास होने के मुद्दे को उठाया था। पटवारी ने प्रेस कांफ्रेंस में पत्रिका की खबर को पढ़ते हुए कहा कि निगम के तीन बजट आए। लगभग एक बजट 7,700 करोड़, दूसरा 8,200 करोड़ और एक करीब 8,700 करोड़ का तीनों की आय देखो तो तीस प्रतिशत है यानी बजट और वास्तविक आय में बड़ा अंतर है। ये इंदौर पर कुठाराघात है। एक बजट से बहस शुरू हुई, जिसमें नमाज बाहर पढ़ेगे या अंदर जैसे मुद्दे उठाए गए। उस पर विवाद हुआ, लेकिन बिना बहस के ही बजट पास कर दिया गया। दूसरा बजट महापौर लेकर आए और औरंगजेब याद आ गया, उसकी क्रब याद आ गई। विवाद हुआ, लेकिन अंत में बिना बहस के ही बजट पास हो गया। इस बार वंदे मातरम् और बिना बहस के बजट पास कर दिया गया।
पटवारी ने कहा कि राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान गाना या न गाना ये संवैधानिक अधिकार है। पार्षद का सार्वजनिक ये कहना कि नहीं गाऊंगी, ये शहर को और मुझे अच्छा नहीं लगा। रूबीना और फौजिया के मामले में वे बोले कि पूरा मामला पार्टी के संज्ञान में है। इसको लेकर कांग्रेस गंभीर है। अनुशासन समिति के पास मामला है। सही समय पर निर्णय लेकर बताएंगे।