एमपीआईडीसी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) इंदौर के साथ बड़ा करार किया है। इस करार से मध्य प्रदेश में आएगी औद्योगिक कांति।
इंदौर/ कोरोना वायरस काल में बिगड़े आर्थिक हालातों को मजबूत करने के लिये मध्य प्रदेश सरकार लगातार औद्योगिक विकास को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। औद्योगों को मजबूत करने समेत उनके विस्तार के लिये नई-नई योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को एमपीआईडीसी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) इंदौर के साथ बड़ा करार किया है।
प्रदेश की उद्योग नीति में होगा आवश्यक परिवर्तन
करार के तहत अब प्रदेश के औद्योगों के विकास और विस्तार के लिए आईआईएम कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा। प्रदेश की औद्योग नीति को लेकर सुझाव से ल्कर ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट तक की प्लानिंग आईआईएम के विशेषज्ञ करेंगे। इज ऑफ डुइंग बिजनेस की दिशा में आगे बढ़ने और ब्रांड मध्य प्रदेश को स्थापित करने के लिये भी अपनी विशेष सलाह देंगे। आईआईएम की विशेष सलाह और सुझावों के आधार पर मध्य प्रदेश सरकार भी उद्योग नीति में न सिर्फ आवश्यक परिवर्तन करेगी बल्कि नई नीति के निर्माण में संस्थान के मेनेजमेंट विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
3 साल के लिये साइन किया गया एमओयू
आईआईएम इंदौर और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) आगामी तीन सालों के लिये इन बिंदुओं पर एमओयू साइन किया है। आईआईएम डायरेक्टर हिमांशु राय और एमपीआइडीसी के अध्यक्ष संजय कुमार शुक्ला ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये।
आत्मनिर्भर होगा मध्य प्रदेश
आईआईएम के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा कि, आत्मनिर्भर भारत की आत्मा को जगाने के लिये मध्य प्रदेश को उद्योगों और व्यवसायों क समर्थन और पोषण करने वाले एक परिस्थितिक तंत्र के रूप में विकसित करना जरूरी है। इस एमओयू से उद्योगों को समर्थन और सहायता प्रदान करने वाले ढांचे को मजबूत किया जाएगा। वहीं, संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि, एमपीआईडीसी राज्य में उद्योगों के सशक्तिकरण के प्रयासों के लिये प्रतिबद्ध हैं।
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