
Indore News :मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर में आगामी 19 सितंबर को होने जा रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का उत्साह शहर के युवाओं में नजर आने लगा है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जोश - शोर से तैयारियों में जुटी हुई है तो वहीं, दूसरी तरफ शहर में बड़ी संख्या में जेन-जी राहुल गांधी के आगमन पर अपने ढंग से उनका स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं।
इस दौरान छात्रों में राहुल गांधी के आगमन का अलग और अजब क्रेज भी देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में ये युवा राहुल गांधी के कार्यक्रम को समर्थन देने के उद्देश्य से अपने हाथों पर राहुल गांधी के टैटू गुदवा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि, इस तरह वो अपने अंदाज में अपने हितों की आवाज उठाने वाले नेता का समर्थन कर रहे हैं।
इधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर छात्रों द्वारा टैटू गुदवाने का एक वीडियो शेयर किया है। साथ ही, पोस्ट में 'इंदौर के युवाओं में राहुल जी के प्रति दीवानगी!' लिखा है।
एक अन्य पोस्ट में कांग्रेस ने बड़ी संख्या में एक साथ बैठे छात्रों का फिल्मी गानों को अपने अंदाज में गाते हुए वीडियो शेयर किया। यहां छात्र न सिर्फ गाने गा रहे हैं, बल्कि, उनके हाथों में कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर भी नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो के साथ एक पोस्ट भी किया गया है, जिसमें लिखा है- 'छात्रों की गूंज' को लेकर इंदौर के छात्र उत्साहित है!'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को पूरी तरह से गैर-राजनीतिक बताया जा रहा है। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रवेश की अनुमति तक नहीं होगी। ऐसे में पार्टी राहुल गांधी के स्वागत के लिए एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक रोड-शो के साथ जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम कराने की तैयारी कर रही है। प्रदेश कांग्रेस की योजना के अनुसार, राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल के बीच दो-तीन स्थानों पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में स्वागत कराया जाएगा। रोड शो को लेकर राहुल गांधी की टीम से चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छात्रों और युवाओं के लिए QR कोड आधारित रजिस्ट्रेशन और प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कांग्रेस के मुताबिक कार्यक्रम का फोकस छात्रों और युवाओं से संवाद पर है। राहुल गांधी इससे पहले भी इस अभियान के तहत छात्रों से शिक्षा व्यवस्था और उनके सामने आने वाली समस्याओं पर सुझाव मांगते हुए चर्चा कर चुके हैं।