इंदौर

‘पूरे इंदौर में पानी पीने लायक नहीं’, नेता प्रतिपक्ष की रिपोर्ट में दावा

MP News: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला जिला कोर्ट पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कलेक्टर और पूर्व नगर आयुक्त समेत चार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
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Updated: 9 Jan 2026, 12:23 AM IST
Indore contaminated water case LoP Umang Singhar water sample report mp news
LoP Umang Singhar water sample report (फोटो- उमंग सिंघार फेसबुक हैंडल)

Indore contaminated water case: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 18 मौतें और 3200 से ज्यादा के बीमार होने का मामला जिला कोर्ट पहुंचा। मोहता नगर के रामू रूप सिंह के दायर परिवाद में वर्तमान कलेक्टर व पूर्व निगमायुक्त शिवम वर्मा, पूर्व निगमायुक्त दिलीप यादव, निलंबित अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और निलंबित कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की। कोर्ट ने बाणगंगा पुलिस से 24 जनवरी तक रिपोर्ट तलब की है। (MP News)

नेता प्रतिपक्ष का दावा- पूरे इंदौर में पानी पीने लायक नहीं

इधर, भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने नया खुलासा किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, इंदौर में भागीरथपुरा ही नहीं, मदीना नगर, खजराना, भूरी टेकरी, कृष्णबाग, कनाड़िया, बर्फानी धाम में पानी खराब मिला। पानी में गदंगी, बदबू मिली। रंग असामान्य था। उन्होंने बुधवार को इंदौर में कई स्थानों से पानी के सैंपल लिए थे और कहा कि कहीं का पानी पीने लायक नहीं मिला।

दूसरे क्षेत्र में भी लोगों को पेट की बीमारी

उमंग ने कहा, स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी पीने के बाद उल्टी, दस्त व पेट की बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने मीडिया को सैंपल दिखाए। इसमें सीवेज मिलावट साफ दिखी। उन्होंने सीएम व सीएस को पत्र भी लिखा। सिंघार ने कहा कि वाटर सैंपल में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है, फिर भी सप्लाई जारी है। यह प्रशासनिक अपराध है। तुरंत स्वच्छ जल आपूर्ति, वाटर ऑडिट, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

परिवाद में ये आरोप

जिला कोर्ट में याचिका लगाने वाले रामू रूप सिंह ने कहा कि मामले में पहले भी संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की। इलाके में तीन साल से दूषित पानी आ रहा है। सीएम और मेयर हेल्पलाइन पर लगातार शिकायतें कीं, पर निगम व प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया। 24 नवंबर 2024 को समस्या हल करने का प्रस्ताव पारित हुआ, लेकिन समय पर टेंडर नहीं हुआ। अफसरों ने जानबूझकर देरी की।

वाटर ऑडिट के बाद सिंघार ने बताए ऐसे हालात

  • मदीना नगर में कथित बकाया के नाम पर वसूली। गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। शिकायतों पर कार्रवाई नहीं।
  • खजराना में नर्मदा जल में बदबू व प्रदूषण दिखा। पानी पीने योग्य नहीं। समस्या पूरे क्षेत्र में. कार्रवाई सीमित।
  • कृष्णबाग में गटर के पास से पानी की लाइन। सीवेज मिलने का खतरा।
  • धाम में दूषित पानी आपूर्ति बर्फानी और अव्यविस्थत जल वितरण।
  • कनाड़िया में पेयजल की गुणवत्ता बेहद खराब, लोग पीने को विवश हैं।
  • भूरी टेकरी में पानी ज्यादा दूषित, स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मिला। यहां भारी गंदगी और जलभराव। बरसों से शिकायतें। कार्रवाई नहीं। (MP News)
Updated on:
9 Jan 2026, 12:23 AM IST
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