Indore-Dahod Rail Line: रेलवे अधिकारियों के अनुसार टनल का काम पूरा होते ही इस सेक्शन पर ट्रायल रन किया जाएगा।
Indore-Dahod Rail Line: पीथमपुर के पास बन चौपाटी से नूतन नगर तक बन रही इंदौर-दाहोद रेल लाइन की टनल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह टनल सिर्फ अपने निर्माण के कारण नहीं, बल्कि अपनी लोकेशन को लेकर भी खास बनी हुई है। जिस जगह से यह सुरंग निकाली जा रही है, उसके ऊपर आबादी क्षेत्र और आगरा-बॉ्बे हाईवे दोनों मौजूद हैं, जबकि नीचे जमीन के भीतर रेल मार्ग तैयार किया जा रहा है।
टनल के अंदर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। मशीनों की आवाज के बीच कांक्रीट लाइनिंग और ट्रैक बिछाने का काम साथ-साथ किया जा रहा है। रेलवे ने इसे जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। टनल का सबसे खास पहलू यही है कि यह किसी खाली पहाड़ी के नीचे नहीं, बल्कि ऐसे हिस्से से गुजर रही है जहां ऊपर से लगातार यातायात और लोगों की दिनचर्या जारी है।
ऊपर से हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही बनी हुई है, वहीं आसपास रिहायशी इलाके भी हैं। इसके बावजूद नीचे सुरंग का काम बिना किसी बाधा के जारी है, जो इस प्रोजेक्ट को तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण बनाता है। टनल के अंदर कई हिस्सों में कांक्रीट लाइनिंग का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही करीब एक किलोमीटर हिस्से में ट्रैक भी बिछाया जा चुका है, जबकि बाकी हिस्सों में काम तेजी से जारी है। यहां पारंपरिक गिट्टी वाले ट्रैक की जगह कांक्रीट बेस पर पटरी डाली जा रही है, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित और स्थिर रहेगा।
निर्माण के दौरान इंजीनियरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि नीचे काम करते समय ऊपर की सतह पर कोई असर न पड़े। चट्टानी जमीन, पानी का रिसाव और ऊपर से गुजरती सड़क-इन सभी परिस्थितियों के बीच काम को संतुलित करना पड़ा। अब अधिकांश तकनीकी चुनौतियां दूर हो चुकी हैं और काम अंतिम दौर में है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार टनल का काम पूरा होते ही इस सेक्शन पर ट्रायल रन किया जाएगा। सिग्नलिंग और विद्युत कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। यह टनल पूरी परियोजना का अहम हिस्सा मानी जा रही है और इसके पूरा होने के बाद इंदौर-दाहोद रेल लाइन के काम में तेजी आएगी।
टनल के तैयार होते ही पीथमपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अब तक सड़क परिवहन पर निर्भर औद्योगिक क्षेत्र को इससे बड़ा फायदा मिलेगा, माल परिवहन में आसानी आएगी। रोजगार के साथ लोगों को फायदा होगा। साथ उद्योगों में लगने वाला समय कम हो जाएगा।
-टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है।
-करीब 1000 मीटर हिस्से में ट्रैक बिछाया जा चुका है।
-टनल के भीतर कांक्रीट बेस पर ट्रैक डाला जा रहा है।
-कुल प्रगति लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
-जुलाई 2026 तक टनल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पीथमपुर के पास बन रही लगभग 2956 मीटर लंबी टनल का कार्य तेजी से प्रगति पर है। करीब 1000 मीटर में ट्रैक बिछाया जा चुका है। सिग्नलिंग और विद्युत कार्य भी जारी है। जुलाई तक टनल का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मनोज कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम रेलवे