Indore Fire Tragedy: घटनास्थल से सिर्फ 5 किलोमीटर दूरी पर नजदीकी फायर स्टेशन, वक्त पर फायर ब्रिगेड पहुंचती तो बचाई जा सकती थी 8 लोगों की जिंदगी।
Indore Fire Tragedy: मध्यप्रदेश के इंदौर के तिलक नगर स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में मकान में लगी आग ने 8 जिंदगियां छीन ली। घर में लगी आग ने हंसते-खेलते परिवार को मिटाकर रख दिया, जो बचे उनकी खुशियों को बिखेर कर रख दिया। इस भयावह हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है लेकिन इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल फायर ब्रिगेड की लेटलतीफी को लेकर है। हादसे में बचे कारोबारी मनोज पुगल्या के बेटे सौरभ ने सीएम मोहन यादव के सामने भी ये बात कही है कि फायर ब्रिगेड एक से डेढ घंटे लेट आई थी।
सीएम मोहन यादव के सामने मृतक कारोबारी मनोज पुगल्या के बेटे सौरभ ने कहा कि EV गाड़ी की चार्जिंग के कारण नहीं बिजली पोल पर हुए शॉर्ट सर्किट के कारण घर में आग लगी। पहले कार जली, फिर भीतर खड़ी बाईक में आग लगी। इसके साथ ही सौरभ ने ये भी बताया कि फायर ब्रिगेड एक से डेढ़ घंटा लेट आई। यदि समय पर आ जाती तो कुछ लोगों की जान बच जाती। जो टैंकर आए उनमें पानी नहीं था। एक टैंकर चालक दूसरी गली में घुस गया। उनके पास सीढ़ी भी नहीं थी। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटनास्थल से नजदीकी फायर स्टेशन महज 5 किमी की दूरी पर है, कुछ ही मिनटों में फायर ब्रिगेड आ सकती थी लेकिन इस 5 किमी के सफर को तय करने में फायर ब्रिगेड की गाड़ी को एक घंटे का समय लग गया। अगर वक्त पर फायर ब्रिगेड आती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। वहीं फायर स्टेशन के जिम्मेदार लोगों का कहना है कि पहली सूचना सुबह 4 बजकर 1 मिनट पर मिली और अगले ही मिनट दमकल को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। 17 मिनट में टीम मौके पर भी पहुंच गई थी।
बुधवार को सुबह ब्रजेश्वरी कॉलोनी में रहने वाले पुगलिया परिवार के घर भीषण हादसा हो गया। उनके घर के बाहर इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी थी। इसके बाद अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। यह आग घर में रखे सिलेंडर तक पहुंच गई और धमाका हो गया। जिसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। इसके बाद मकान का एक हिस्सा ढह गया और आग की लपटें घर के भीतर पहुंच गई। कुछ दिन पहले ही पुगलिया परिवार में कोई कार्यक्रम था, जिस वजह से कई सिलेंडर मंगाकर घर में रखे गए थे। वहीं कुछ दूर के रिश्तेदार भी घर में ही रुके हुए थे। वे भी हादसे का शिकार हो गए। 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं। गलियां सकरी होने के कारण फायर ब्रिगेड और बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करना पड़ी। इस हादसे ने पूरे पुगलिया परिवार को तोड़कर रख दिया।