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OTP के बिना ही खाते से उड़ा दिए 4 लाख, ये है साइबर ठगों का सबसे खतरनाक खेल

Cyber Fraud : प्रशासन की तमाम मुस्तैदी और साइबर पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे साइबर अवेयरनेस कैंपेन के बावजूद मध्य प्रदेश में ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांत ये हैं कि, राज्य में हर रोज ठगी का एक ने एक चौंकाने वाला मामला सामने आ रहा है। शातिर ठग […]

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Cyber Fraud

OTP के बिना खाते से 4 लाख उड़ाए (Photo Source- Patrika)

Cyber Fraud : प्रशासन की तमाम मुस्तैदी और साइबर पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे साइबर अवेयरनेस कैंपेन के बावजूद मध्य प्रदेश में ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांत ये हैं कि, राज्य में हर रोज ठगी का एक ने एक चौंकाने वाला मामला सामने आ रहा है। शातिर ठग लोगों को रोजाना नए नए तरीकों से ठगी के जाल में फंसा रहे हैं। इसकी ताजा बानदगी सामने आई सूब के आर्थिक नगर इंदौर में, जहां ठगी का ऐसा तरीका सामने आया, जिसने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस महकमें को भी हैरान करके रख दिया है।

इंदौर में साइबर पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद साइबर ठगी का जाल लगातार फैलता जा रहा है। अब हैकर्स ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक व्यापारी को एपीके फाइल भेजकर उसके बैंक अकाउंट से थोड़े-बहुत नहीं, बल्कि 4 लाख रुपए से अधिक रकम उड़ा दिए।

OTP के बिना ही खाते से उड़ाई रकम

इस मामले में सबसे हैरानी की बात ये है कि, पीड़ित ने कोई ओटीपी भी शेयर नहीं किया, फिर भी खाते से पैसा निकल गया। मामले में लसूड़िया पुलिस ने आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस का पुलिस के मुताबिक, फरियादी संतोष गर्ग निवासी लसूड़िया क्षेत्र ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनके मोबाइल पर बैंक से संबंधित एक मैसेज आया था। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। फाइल डाउनलोड होने के कुछ ही समय बाद उनके मोबाइल पर अकाउंट से पैसे कटने के मैसेज आने लगे।

पीड़ित ने बताया

शिकायत में संतोष गर्ग ने बताया कि उन्होंने किसी को भी ओटीपी शेयर नहीं किया, न ही किसी को बैंक की जानकारी दी। इसके बावजूद उनके खाते से करीब चार लाख रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर हो गए।

IT एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज

मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि, एपीके फाइल के जरिए मोबाइल को रिमोट एक्सेस कर लिया जाता है, जिसके बाद हैकर्स बिना ओटीपी के भी बैंकिंग ऐप तक पहुंच बना लेते हैं और खाते से रकम ट्रांसफर कर देते हैं। लसूड़िया थाना पुलिस ने आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और अब साइबर सेल की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि पैसा किन खातों में ट्रांसफर हुआ है और ठगी करने वाला गिरोह कहां से ऑपरेट कर रहा है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या बैंक के नाम से आए मैसेज पर क्लिक न करें, क्योंकि एक क्लिक से पूरा अकाउंट खाली हो सकता है।