इंदौर

इंदौर अग्निकांड: काश मिल जाते 2 मिनट…और फफक-फफक कर रो पड़ा बेटा

Indore Fire Tragedy: इंदौर अग्निकांड में लोग मदद को पहुंचे, बाल्टी से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन अफसोस! देर से पहुंची फायर ब्रिगेड....

4 min read
Mar 19, 2026
Indore Fire Tragedy Indore News hindi: मनोज पुंगलिया के तीन मंजिला घर में आग का तांडव, नीचे कार से फैली आग। इनसेट- फफक-फफक कर रोता बेटा सुरेंद्र()

Indore Fire Tragedy: बंगाली चौराहा स्थित पॉश कॉलोनी 87, बृजेश्वरी एनएक्स में रबर पाइप करोबारी मनोज पुंगलिया (60) के तीन मंजिला घर के मेन गेट पर चार्जिंग में लगी ईवी कार में मंगलवार देर रात शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। कार के एसी कंप्रेशर में धमाका हुआ और घर में आग फैल गई। रसोई में रखे सिलेंडर भी फट गए। घर में सो रहे परिवार के 12 सदस्य आग और जहरीले धुएं के बीच फंस गए। इसमें मनोज और बड़ी बहू गर्भवती सिमरन (30) पति सौरभ समेत 8 सदस्य जिंदा जल गए।

ये भी पढ़ें

दो मासूमों की दर्दनाक मौत, घर से खेलने का कहकर निकले, देर शाम इस हाल में मिले

बिहार से पत्नी-बेटे संग आए थे मनोज के साले विजय सेठिया, परिवार समेत मौत

बिहार के किशनगंज जिले से मंगलवार को ही आए मनोज के साले विजय सेठिया और उनके परिवार के 6 सदस्यों की भी मौत हो गई। विजय की पत्नी सुमन, बेटा कार्तिक उर्फ छोटू (16), बेटी रुचिका जैन (36), रुचिका की बेटी राशि (11) और तनय (8) भी जिंदा जल गए। मनोज की पत्नी सुनीता (58), तीन बेटे सौरभ (32), सोमिल, हर्षित बड़ी मुश्किल से बचे। साला विजय गंभीर बीमारी का इलाज कराने पत्नी-बेटे संग आए थे। उन्हें देखने बेटी भी बच्चों के साथ पहुंची थी।

दो मिनट और मिलते तो पूरे परिवार को बचा लाता

दमकलकर्मियों ने ढाई घंटे मशक्कत से आग पर काबू पाया। जब घर में रेस्क्यू के लिए घुसी तो शव ही मिले। सबसे भारी शव 8 साल के तनय का मिला। उसे कपड़े की पोटली व बॉक्स में श्मशान तक लाना पड़ा। अपनों के शव देख सौरभ फफक पड़े। बोले मुझे दो मिनट और मिल जाते तो पूरे परिवार को बचा लेता।

Indore Fire Tragedyछ मनोज पुंगलिया के घर आग के तांडव से 8 सदस्यों की मौत हो गई। उनके शव देख हर कोई रो पड़ा। 8 साल के तनय का शव बॉक्स में ले जाना पड़ा।(photo:patrika)

सभी शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने तिलक नगर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कार चार्जिंग को नई चुनौती मानकर अफसरों को जांच के निर्देश दिए हैं।

रात डेढ़ बजे तक हम सब बात कर रहे थे, 3.30 बजे चट-चट की आवाज आई…

हादसे के बाद सौरभ को रिश्तेदार मां विहार कॉलोनी स्थित घर ले आए। उनकी मां का वहीं इलाज हुआ। छोटा भाई हर्षित अस्पताल में है। यहां मेयर पुष्यमित्र भार्गव से सौरभ ने कहा, कल (मंगलवार) ही मामा का बेटा, उनकी बेटी दो बच्चों के साथ आए थे। रात में हम सब डेढ़ बजे तक बात करते रहे। मम्मी-पापा, मामा-मामी, भाई-बहन और दो बच्चे ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे थे। ऊपरी मंजिल पर सौरभ, पत्नी और दूसरे कमरे में दोनों छोटे भाई थे।

Indore Fire Tragedy 8 Burnt Alive: इनसेट सभी मृतकों की तस्वीर, पीछे नजर आ रहा है लाक्षागृह बना घर(photo:patrika)

रात 3.30 बजे चट-चट की आवाज आई। लगा पानी गिर रहा है। निकला तो धुआं फैला था। आग लगी थी, हमने पानी डाला, जितने कांच फोड़ सकते थे, फोड़े। नीचे किचन है। पोर्च में 4 दोपहिया और बाहर ईवी खड़ी थी। तीनों भाइयों ने पहली मंजिल की गैलरी में लगी जाली काटी। पड़ोसी की मदद से नीचे उतरे। मैं मां को साथ लाया। दो मिनट और मिल जाते तो सौरभ पूरे परिवार को बाहर निकाल लेता।

सुरक्षा के लिए लगाई जाली बनी पिंजरा, निकलने का मौका तक नहीं मिला

कारोबारी मनोज मूलत: राजस्थान के सादलपुर के रहने वाले थे। उनके 3 मंजिला घर में ऊपरी मंजिल पर चारों ओर सुरक्षा के लिए लोहे की जालियां लगी थीं। पहली मंजिल पर सौरभ, सोमिल, हर्षित ने परिवार के सदस्यों को बचाने का प्रयास किया। धुआं भरा था, सौरभ पत्नी सिमरन को लेकर छत पर पहुंचे। लेकिन यहां चैनल गेट पर अंदर से ताला लगा था। यहीं सिमरन की मौत हो गई। सौरभ और दोनों भाइयों ने पहली मंजिल पर जाली तोड़ी, पड़ोसी ने सीढ़ी लगाई, मां सुनीता को लेकर निकले। तब आग विकराल हो गई। बाकी लोहे की जालियों में लोग पिंजरे की तरह कैद थे।

Indore Fire Tragedy indore news(photo:patrika)

मॉर्निंग वॉकर का आंखों देखा हाल

बृजेश्वरी एनएक्स में रहने वाले मनोज शर्मा ने बताया, तड़के 4 बजे वॉक के दौरान एक व्यक्ति ने पुगलिया परिवार के घर के बाहर कार में आग लगने पर शोर मचाया। आवाज सुनकर पत्नी की नींद खुल गई। उसने मुझे जगाया तो मल्टी से बाहर आते ही मैंने तुरंत बिजली सप्लाई और लाइट बंद कर दी। तब तक तार में आग फैल चुकी थी। कार और एसी कंप्रेशर में धमाका होने लगा। अचानक घर में तेज धमाका हुआ। पता चला कि सिलेंडर फट गया। फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन कर्मचारी देर से पहुंचे।

एक माह पहले हुई थी मंझले बेटे की शादी

परिजन ने बताया, फरवरी में मनोज ने मंझले बेटे सोमिल की शादी पेटलावद की सखी से की थी। गणगौर पर बहू मायके गई थी। हादसे की सूचना मिलते ही इंदौर आई।

एक्सपर्ट्स बोले- बैट्री ओवरचार्ज होने से भी ईवी में लग सकती है आग

एसजीएसआइटीएस के प्रोफेसर शैलेंद्र शर्मा ने बताया, अमूमन ईवी के लिए सेफ्टी चार्जर आते हैं। इसके तार भी फायर प्रूफ होते हैं। चार्जिंग प्वॉइंट पर यदि स्पार्क भी हो तो आग गाड़ी तक नहीं पहुंचती। चार्जर या बैट्री में मैन्युफैक्चरिंग फॉल्ट से आग का खतरा रहता है। 100 फीसदी बैट्री चार्ज होने पर चार्जर ऑटो कट होता है। चार्जर चालू रहे, बैट्री ओवरचार्ज हो जाए, तब शॉर्ट सर्किट व आग की आशंका रहती है। चूंकि ओवरचार्ज से बैट्री का तापमान बढ़ जाता है। आग का यह कारण संभव है।

ये भी पढ़ें

भोपाल के गोमांस तस्करी केस में बड़ा अपडेट, असलम चमड़ा को मिली जमानत

Updated on:
19 Mar 2026 09:37 am
Published on:
19 Mar 2026 09:29 am
Also Read
View All

अगली खबर