इंदौर

‘कोई नेता ऐसा नहीं, जिसके लिए ट्रैफिक रोका जाए’ बिगड़े यातायात पर इंदौर हाईकोर्ट की सख्ती

Indore Highcourt- जनहित याचिका पर सुनवाई में जज बोले- यू टर्न लेते लगता है डर

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Apr 21, 2026
indore traffic- demo pic

Indore Highcourt- इंदौर में जीरो ट्रैफिक प्रोटोकॉल नाम की कोई चीज होती ही नहीं है। कोई भी नेता या व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसके लिए ट्रैफिक रोका जाए। वीआइपी मूवमेंट के वक्त कुछ समय के लिए ट्रैफिक जरूर रोका जाता है, लेकिन उसे तुरंत बहाल कर दिया जाता है। केवल जेड प्लस सिक्यूरिटी प्राप्त लोगों को सुरक्षा के लिए बंदोबस्त किए जाते हैं। ये बात शहर के ट्रैफिक प्रभारी डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने युगलपीठ के समक्ष शहर के बदहाल यातायात को लेकर दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान स्वीकार की। कोर्ट ने शहर के बिगड़े यातायात पर अपना सख्त रुख बरकरार रखा।

शहर में यातायात पुलिसकर्मियों के रिक्त 237 पदों पर नियुक्ति के बारे में विचार करना चाहिए

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जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट ने कहा कि, बदहाल यातायात से हम खुद परेशान हैं। घर जाते हैं तो यू-टर्न लेना पड़ता है। डर लगता है कि कहीं दोपहिया वाहन न टकरा जाए। वहां कोई पुलिसवाला नहीं होता। प्रमुख सचिव (गृह) को शहर में यातायात पुलिसकर्मियों के रिक्त 237 पदों पर नियुक्ति के बारे में विचार करना चाहिए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 मई तय की है। रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

कोर्ट के आदेशों का नहीं हो रहा पालन

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता राजलक्ष्मी फाउंडेशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिय़ा ने कोर्ट को बताया कि आदेशों का पालन नहीं हो रहा। 2019 में कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ऐसा नहीं हुआ। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल 24 घंटे चालू रखने कहा था, ज्यादातर बंद हैं।

जनता होती परेशान

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि पुलिसकर्मी सिर्फ बैठकर चालानी कार्रवाई में व्यस्त रहते हैं। गाडिय़ां रोक देते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता बागडिय़ा ने कहा कि वीआइपी मूवमेंट के नाम पर आम नागरिक परेशान होते रहते हैं। ट्रैफिक रोक दिया जाता है। इस दौरान सिग्नल भी बंद कर दिए जाते हैं।

इस पर ट्रैफिक डीसीपी ने सफाई दी कि वीआइपी मूवमेंट के दौरान जैसे ही काफिला गुजरता है, ट्रैफिक खोल दिया जाता है। तब अधिवक्ता बागडिय़ा ने कहा कि वीआइपी मूवमेंट खत्म होने के बाद पुलिसकर्मी चले जाते हैं और जनता जाम में फंसती है।

हर हिस्से का उपयोग हो

सुनवाई के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, डीसीपी ट्रैफिक त्रिपाठी उपस्थित थे। कोर्ट ने निगमायुक्त और कलेक्टर से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि सड़क के हर हिस्से का उपयोग हो सके।

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Published on:
21 Apr 2026 07:02 am
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