
Controversy Surrounds Commission Chairman Pratap Karosiya's Tenure in Indore
Pratap Karosiya- इंदौर में मप्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया के कार्यकाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संचालनालय से 13 अप्रेल को जारी आदेश के अनुसार, अध्यक्ष पद की अवधि तीन वर्ष यानी 14 अप्रेल को समाप्त होने के बाद शासन स्तर से दी गई सुविधाओं को समाप्त माना जाए। इस आदेश पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की सचिव के तौर पर बबीता मरकाम के हस्ताक्षर हैं। करोसिया ने इस आदेश को राज्य शासन की गरिमा पर प्रहार बताते हुए हस्ताक्षर करने वाली अधिकारी के निलंबन के लिए पत्र लिखा है। कोर्ट से स्टे भी ले लिया है।
15 अप्रेल 2023 को करोसिया को मप्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष राज्य शासन ने नियुक्त किया था। यह कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त पद है। आदेश में उल्लेखित था कि पद तीन वर्ष के लिए रहेगा। 19 अप्रेल 2023 को करोसिया ने पदभार ग्रहण किया।
करोसिया के पदभार ग्रहण करने को तीन वर्ष रविवार को पूरे हो गए। आदेश में अंकित अवधि के अनुसार यह समय पूरा हो गया है। इसके बाद भी करोसिया सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। शनिवार को उन्होंने इंदौर, उज्जैन और भोपाल का दौरा किया। इस दौरान उनके कार्यालय से प्रोटोकॉल सहित अन्य सुविधाओं के लिए आदेश भी जारी हुआ।
इस पत्र को करोसिया ने चुनौती दी कि नियुक्ति का आदेश सरकार या मंत्रालय से हुआ है। इस बार एक विभाग की ओर से सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया। वह भी ऐसे अधिकारी ने, जिन्हें इसका अधिकार ही नहीं है। करोसिया ने इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर स्टे ऑर्डर के साथ अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
शासन की छवि धूमिल, यह पत्र प्रभावशील नहीं है, मुझे कोर्ट से स्टे मिला
करोसिया का कहना है कि यह पत्र जारी करने के पीछे शासन की छवि धूमिल करने की मंशा है। किसी का षड्यंत्र है। इस आदेश में वर्ष 2008 का जो हवाला दिया गया है, उसे शासन ने 2017 में खारिज कर दिया था। इसके बाद भी उसी आधार पर पत्र जारी किया गया। फिलहाल यह पत्र प्रभावशील नहीं है, मुझे कोर्ट से स्टे मिला है। जिस अधिकारी ने यह गलती की है, उनके निलंबन के लिए मैंने लिखा है।
Published on:
20 Apr 2026 07:10 am
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