
Traffic signals (Photo Source - Patrika)
MP News: ट्रैफिक जाम की समस्या दूर करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ड्रोन सर्विलांस के लिए कुछ चिन्हित क्षेत्रों में काम शुरू कर दिया है। इसमें ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग दुरुस्त करने के साथ नियमों का उल्लंघन रोकना शामिल है। इसके लिए नगर निगम के साथ मिलकर चौराहों पर बुनियादी सुधार किए जा रहे हैं।
डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सिग्नल किसी पुराने फिक्स टाइमर से नहीं, बल्कि 'सड़क की मांग' के अनुसार चलेंगे। इसके लिए पलासिया, विजयनगर, इंडस्ट्री हाउस, लालटेन और गिटार चौराहे पर सिग्नलों का विश्लेषण किया गया है। अब पीक ऑवर्स में जिस तरफ वाहनों का दबाव अधिक होगा, वहां का ग्रीन सिग्नल स्वत: ही अधिक समय के लिए खुलेगा।
अब ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों की चाल और चालाकी दोनों ड्रोन की जद में हैं। चौराहों पर जवान भले ही नजर न आएं, लेकिन 120 मीटर की ऊंचाई से ड्रोन का कैमरा 1 किमी. के दायरे में हर हरकत को कैद कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ड्रोन से चौराहे और आसपास के मार्ग को एक साथ देखा जा सकता है। कंट्रोल रूम को लाइव फीड मिलती है, जिससे बाधित क्षेत्रों में एक्शन लेंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने पिछले 13 दिनों के भीतर ड्रोन से मिले इनपुट के आधार पर 1600 से ज्यादा चालान बनाए हैं। इसमें मुख्य रूप से रांग साइड ड्राइविंग, नो पार्किंग और रेड लाइट जंप करने वाले वाहन चालक शामिल हैं। ड्रोन से प्राप्त वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मौके पर तैनात टीमें त्वरित चालानी कार्रवाई कर रही हैं।
ड्रोन टीम मालवा मिल, पाटनीपुरा, रसोमा, विजयनगर, रेडिसन, स्टार चौराहा, बिचौली, रोबोट, गीताभवन, आरएनटी मार्ग, मधुमिलन, एमजी रोड, राजबाड़ा, नंदलालपुरा, मृगनयनी, वायएन रोड और सराफा जैसे क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। जो चौराहा ज्यादा प्रभावित होता है, उसी अनुसार पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।
अधिकारियों ने हिदायत दी है कि अब कोई भी ट्रैफिक जवान बिना बॉडी वार्म कैमरे के चेकिंग या कार्रवाई नहीं करेगा। आदेश के पीछे मुख्य उद्देश्य कार्रवाई में पारदर्शिता लाना और ड्यूटी पर तैनात जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शनिवार को समीक्षा बैठक में ट्रैफिक जवानों और अधिकारियों को अनिवार्य रूप से बॉडी वार्म कैमरे उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
1: राजबाड़ा, जवाहरमार्ग, खजूरी बाजार और सराफा क्षेत्र।
2: संजय सेतु, फ्रूट मार्केट, नंदलालपुरा और मृगनयनी क्षेत्र।
3: नवलखा, गीताभवन, पलासिया, एमजी रोड और इंडस्ट्री हाउस मार्ग।
4: स्टार चौराहा, रेडिसन, रसोमा और विजयनगर क्षेत्र।
ड्रोन सर्वे से इंडस्ट्री हाउस, लालटेन और गिटार चौराहे की खामियां सामने आई थीं। इसके बाद अब लेगट टर्न, पलासिया व इंडस्ट्री हाउस जैसे चौराहों पर ऑटोमेटेड सिग्नल सिस्टम के जरिए ट्रैफिक दबाव के अनुसार संचालन किया जा रहा है। - राजेश कुमार त्रिपाठी, डीसीपी (यातायात)
Published on:
19 Apr 2026 05:42 pm
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