
Indore-Khandwa Railway Line: इंदौर-खंडवा रेल लाइन गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट को आखिरकार रफ्तार मिल गई। लंबे समय से वन विभाग की अनुमति का इंतजार कर रहे प्रोजेक्ट में अब नई हलचल शुरू हो गई है। मंजूरी मिलने के बाद रेलवे ने बड़े पैमाने पर कामों को लेकर टेंडर जारी करना शुरू कर दिया है। हाल ही में करीब 468 करोड़ रुपए के टेंडर निकाले गए हैं, जिनमें सुरंग (टनल) और पुलों का निर्माण शामिल है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा तो अगले दो वर्षों में यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है। हालांकि, अभी तक पहली टनल का काम भी शुरू नहीं हो पाया था, लेकिन अब क्लीयरेंस मिलने के बाद इसमें तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इंदौर से खंडवा के बीच मीटर गेज लाइन को ब्रॉड गेज में बदला जा रहा है।
इंदौर से महू और पातालपानी तक भी ब्रॉड गेज लाइन बिछाई जा चुकी है। अब सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा पातालपानी से आगे का है, जहां घने जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण टनल और बड़े पुलों का निर्माण करना होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 454 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है।
वन विभाग ने एनओसी देते समय स्पष्ट शर्त रखी थी कि वन्यजीवों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य किया जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो। इसी के तहत डिजाइन और निर्माण की योजना तैयार की गई है। हाल ही में जारी टेंडर में दो प्रमुख टनल शामिल हैं। एक अन्य टनल का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका था, लेकिन अनुमति के अभाव में काम शुरू नहीं हो पाया था।
इस प्रोजेक्ट में 19 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण भी शामिल हैं। इनमें से तीन बड़े पुल करीब 200 मीटर लंबे होंगे। इसके अलावा ट्रैक के आसपास ड्रेनेज सिस्टम, सुरक्षा संरचनाएं और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य भी किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य चरणों के टेंडर भी जारी किए जाएंगे।
-468 करोड़ रुपए के टेंडर जारी
-टनल और पुल निर्माण शामिल
-दो प्रमुख टनल का निर्माण प्रस्तावित
-1 राजपुरा-चौरा के बीच 1.6 किमी लंबी टनल
-2 चोरल-मुख्त्यारा -बलवाड़ा के बीच 2.5 किमी टनल
-एक टनल का टेंडर पहले जारी
-अब मंजूरी के बाद काम शुरू होगा
-कुल 19 छोटे-बड़े पुल बनाए जाएंगे
-इनमें 3 बड़े पुल लगभग 200 मीटर लंबे होंगे
-454 हेक्टेयर वन भूमि प्रोजेक्ट में शामिल
-वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष प्लानिंग अनिवार्य