Indore Kidnapping Case Update: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से पार्क में खेलने गए नैतिक और सम्राट को अपहरण करने वाले पति-पत्नी और बहन-भाई निकले, पुलिस पूछताछ में चारों ने उगला चौंकाने वाला सच...
Indore Kidnapping Case Update: फ्री मेंं बिल्ली दूंगी… ये वो झांसा है, जिसमें आकर दोनों बच्चे इंदौर के ग्रेटर तिरुपति कॉलोनी के गार्डन से युवती के साथ कार टैक्सी में दत्तनगर में फ्लैट पर चले गए। उनके लापता होने के बाद जब फिरौती के लिए फोन आया तब परिजन चिंतित हो गए। पुलिस सक्रिय हुई और इस सनसनीखेज अपहरण की गुत्थी सात घंटे में सुलझा दी। आरोपियों ने पैसों की तंगी के चलते वारदात को अंजाम दिया। उनके निशाने पर पहले ज्वेलरी शॉप थी।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने गुरुवार देर रात बच्चों को दत्त नगर स्थित शिवांग अपार्टमेंट के फ्लैट से ढूंढ़ निकाला। आरोपी राधिका प्रजापति (19) निवासी तिलक नगर एक्सटेंशन, उसका भाई विनीत (22) निवासी तिलक नगर एक्सटेंशन, ललित सेन (21) व पत्नी तनीषा सेन (20) निवासी दत्तनगर को पकड़ा। आरोपी भागने लगे और गिरने से चोटिल हो गए।
पुलिस कमिश्नर सिंह ने बताया, गुरुवार रात 8.45 बजे पलासिया थाना पर दो बच्चों के ग्रेटर तिरुपति गार्डन से लापता होने की सूचना मिली थी। टीम पहुंची तो पता चला कि नैतिक (11) पिता सन्नी सोनकर निवासी खटीक मोहल्ला और उसका दोस्त सम्राट (11) पिता अजय चंद्र जयदेव निवासी गीता नगर निवासी रोज गार्डन में खेलने जाते हैं, आज घर नहीं पहुंचे।
रहवासियों से टीम ने पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज निकाले। एक युवती बच्चों को ले जाती दिखी। उसने एक दुकान से बच्चों को चिप्स, टॉफी और पानी की बोतल दिलाई। वह बच्चों को फोन पर डॉग, बिल्ली के बच्चों की तस्वीर दिखाकर बहला-फुसलाकर ले गई। इस दौरान अपहृत बच्चे की मां के पास कॉल आया। कॉल पर बच्चों को छोड़ने के लिए 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। धमकी दी कि रात 11 बजे तक फिरौती की रकम नहीं दी, तो बच्चों की हत्या कर देंगे। टीम ने समय रहते आरोपियों की धरपकड़ कर ली। उन्हें रिमांड पर लेकर की जा रही है।
नैतिक सोनकर ने बताया कि गार्डन में मिली युवती ने फोन पर बिल्ली के बच्चे दिखाकर कहा था कि वह तुम्हेंं फ्री मेंं बिल्ली दे देगी। वह इस झांसे में आ गया और उसके साथ चल दिया था।
एसीपी सिंह ने पड़ोसी के मोबाइल फोन से पीडि़त परिवार बनकर चैटिंग की। आरोपी बोले- यदि पैसे रात 10.30 बजे तक नहीं मिले तो, दोनों बच्चों को काटकर फेंक देंगे। आरोपियों ने वाट्सऐप पर दोनों बच्चों के वीडियो बनाकर भेजे। यहीं से शंका हो गई कि अपहरणकर्ता लोकल बदमाश हैं। इस कारण परिवार को सभी के सामने फिरौती की रकम एकत्रित करने की कहानी गढ़ी गई।
छह लाख से अधिक रुपए एकत्रित करने की बात भी हुई। आरोपियों ने चैटिंग पर कहा कि पैसा बच्चों के माता-पिता लाएंगे, वो भी थाली में सजाकर। इससे अंदाजा हो गया कि गैंग प्रोफेशनल नहीं है। टीम ने आरोपियों को चैटिंग के दौरान ट्रैक कर उनकी लोकेशन को निकाला और दबिश देकर पकड़ लिया।