Western Disturbance Effect : कोहरा, बादल और हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं से शहर में अदिकतम और न्यनतम तापमान में कमी दर्ज हुई। कई जगहों पर बारिश होने की भी संभावना है।
Western Disturbance Effect : हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी से आ रही ठंडी हवा के कारण मध्य प्रदेश के इंदौर दिनभर ठिठुरता रहा। बच्चे-बड़े सभी पूरे समय शॉल, स्वेटर, टोपे-मोजे पहने नजर आए। कई जगह अलाव जलाकर ठंड को मात देने की कोशिश जारी रही। रविवार को अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री जबकि, न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री रहा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल व कोहरा छाए रहने से अलसुबह 200 मीटर तक दृष्यता पहुंच गई। शाम को दृश्यता 1800 मीटर रही।
भारत मौसम विज्ञान विभाग भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया, पश्चिमी विक्षोभ और हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी के कारण ठंडी हवा का प्रभाव बढ़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण घना कोहरा छाया। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26 जनवरी से प्रभावी होगा। इसके बाद 30 जनवरी को भी पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा, जिससे बादल बढऩे के साथ ही हिमालय क्षेत्र से आ रही ठंडी हवा का असर रहेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की स्थिति भी बनेगी।
-एक पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश, जम्मू क्षेत्र के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में स्थित था। अब हिमाचल प्रदेश से होते हुए पंजाब की तरफ बढ़ा है।
-एक ट्रफ लाइन दक्षिण पंजाब से कच्छ तक फैली हुई है, जो पश्चिमी राजस्थान और उत्तर गुजरात से होकर समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर है।
-एक चक्रवातीय परिसंचरण मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है।
-उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर पश्चिमी जेट स्ट्रीम बह रही है, जिसमें तेज हवाएं लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर चल रही हैं।
-26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।
-30 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है।