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एमपी में नई रेल लाइन तैयार, 25 मार्च को बड़ा ट्रायल

Indore-Dhar Rail Line: ट्रैक बिछाने और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम अंतिम चरण में, अब होगी फाइनल टेस्टिंग।
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इंदौर

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Shailendra Sharma

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Updated: 19 Mar 2026, 4:07 PM IST

Indore-Dhar Rail Line

Indore-Dhar Rail Line Near Completion Final Tower Wagon Trial on March 25

Indore-Dhar Rail Line: मध्यप्रदेश के इंदौर से धार तक ट्रेन चलने का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से निर्माणाधीन इस रेल परियोजना में अब तेजी साफ नजर आने लगी है। रेलवे ने 25 मार्च को इस रूट पर टॉवर वैगन के जरिए अहम इंस्पेक्शन की तैयारी कर ली है। यह निरीक्षण पीथमपुर से धार के बीच किया जाएगा, जिसमें ट्रैक की मजबूती, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन और तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच होगी।

25 मार्च को टॉवर वैगन ट्रायल

इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना के तहत इंदौर से राऊ, फिर पीथमपुर होते हुए धार तक ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। कई हिस्सों में पटरी बिछ चुकी है और ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन) का काम भी अंतिम चरण में है। अधिकारियों के मुताबिक अब सिर्फ कुछ तकनीकी कनेक्टिविटी और परीक्षण बाकी है, जिन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसी क्रम में 25 मार्च को टॉवर वैगन के माध्यम से होने वाला निरीक्षण काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान न केवल ट्रैक की गुणवत्ता जांची जाएगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि बिजली आपूर्ति लाइन सही तरीके से काम कर रही है या नहीं। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इसके बाद इंजन के जरिए स्पीड ट्रायल भी शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) का दौरा प्रस्तावित है, जिसकी मंजूरी के बाद ही इस रूट पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा।

क्या होता है टॉवर वैगन ?

टॉवर वैगन रेलवे का एक खास तरह का स्व-चालित वाहन होता है, जिसका इस्तेमाल विद्युतीकृत रेल लाइनों की जांच और मरम्मत के लिए किया जाता है। यह डीजल इलेक्ट्रिक सिस्टम पर आधारित होता है और ओवरहेड वायर में खराबी आने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर काम करने में सक्षम होता है। यही वजह है कि किसी भी नई लाइन के शुरू होने से पहले टॉवर वैगन से निरीक्षण अनिवार्य माना जाता है। कुल मिलाकर, इंदौर-धार रेल लाइन अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यदि आगामी निरीक्षण और ट्रायल सफल रहते हैं तो जल्द ही इस रूट पर ट्रेनों की सीटी गूंजने लगेगी,जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

टीही टनल के लिए दो माह और इंतजार

टीही टनल में भी काम ने रफ्तार पकड़ ली है। यहां ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, हालांकि इसमें पीथमपुर और इंदौर से जोड़ने अभी करीब दो महीने का समय और लग सकता है। इसके पूरा होते ही इंदौर से धार के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी का रास्ता साफ हो जाएगा।