सरकारी बगीचों के बाद अब नगर निगम जोनल ऑफिस और शौचालय पर सोलर पैनल लगाने का होगा काम, इंदौर को सोलर सिटी बनाने और बिजली का खर्च कम करने की कवायद
उत्तम राठौर
इंदौर. स्मार्ट सिटी इंदौर को सोलर सिटी बनाने में नगर निगम लगा हुआ है। अभी सरकारी बगीचों को रात में रोशन रखने के लिए सोलर पैनल लगाई जा रही हैं। इसके बाद निगम के समस्त जोनल ऑफिस और अपने अन्य भवनों की छत के साथ सार्वजनिक शौचालयों पर सोलर पैनल लगाएगा। इसके लिए 850 सार्वजनिक शौचालय चिहिन्त किए गए हैं। इन पर सोलर पैनल लगाने के लिए विद्युत विभाग ने एजेंसी ढूंढऩे को लेकर टेंडर जारी करने की प्रोसेस शुरू कर दी है। सोलर पैनल लगाकर निगम बिजली का खर्च कम करने में लगा हैं। इधर,स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगम ने शहर के कुछ सुलभ शौचालयों पर सोलर पैनल लगाने का काम किया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मंशानुसार निगम विद्युत विभाग और स्मार्ट सिटी कंपनी शहर को सोलर सिटी बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसकी शुरुआत विद्युत विभाग ने शहर के सरकारी बगीचों से कर दी है। अभी तक 5 बगीचों में सोलर पैनल लगा दी गई है। इसके साथ ही 12 बगीचों के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। निगम विद्युत विभाग के अफसरों का कहना है कि बगीचों में सोलर पैनल लगाने से पहले सर्वे करवाया जा रहा। इस दौरान देखा जाता कि बगीचे में सूर्य की रोशनी कहां और कितनी बजे आती है। इसके लिए चारों दिशा को देखा जाता है। बगीचे में पेड़ घने होने के साथ सूर्य की रोशनी नहीं आती है तो पैनल नहीं लगाई जाती है। इसलिए बगीचे में सर्वे के बगैर पैनल नहीं लगाई जा रही हैं।
निगम विद्युत विभाग ने शहर के 50 से अधिक बगीचों की लाइट बदलने की प्लानिंग कर रखी है। इसके साथ ही 29 गांवों में लगे हाई मास्ट पर सोलर से संचालित होने वाली लाइट लगाई जा रही है। मालूम हो कि सबसे पहले शहर के ट्रैफिक सिग्नल को सोलर एनर्जी पर शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। इसके बाद अब शहर के बगीचों में लगी पुरानी लाइटों को बदलकर सोलर लाइट में तब्दील किया जा रहा है।
निगम की होगी आय
इंदौर शहर को सोलर सिटी बनाने के लिए महापौर भार्गव के निर्देश पर विद्युत विभाग के अफसरों ने चरणबद्ध रूप से योजना तैयार की गई है। इसके तहत बगीचों में सोलर पैनल लगाने का काम शुरू हो गया है। अगले चरण में निगम के 19 जोनल ऑफिस, मुख्यालय और अन्य संपत्ति की छत पर सोलर पैनल लगाई जाएगी। इसके साथ ही शहर के 850 सार्वजनिक शौचालयों पर सोलर पैनल लगेगी। इससे उत्पन्न होने वाली बिजली का उपयोग शौचालय की लाइट और विज्ञापन बोर्ड की लाइट के लिए किया जाएगा। इससे निगम का बिजली का खर्च बचेगा और अतिरिक्त बिजली बनने से निगम की आय भी होगी, क्योंकि सोलर पैनल से बनने वाली अधिक बिजली को पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी खरीदती है।
एक से डेढ़ लाख रुपए आएगा खर्च
विद्युत विभाग के सिटी इंजीनियर राकेश अखंड ने कहा कि महापौर भार्गव के निर्देश पर शहर को सोलर सिटी बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए अलग-अलग चरणों में काम किया जा रहा है। शहर के बगीचों में लगी लाइट को रोशन रखने के लिए सोलर पैनल लगाने का काम शुरू हो चुका है। 29 गांवों में लगे हाई मास्ट पर सोलर से संचालित होने वाली लाइट लगाई जा रही है। हाल ही में शहर के शौचालय पर सोलर पैनल लगाने के निर्देश मिले हैं। इस पर काम शुरू कर दिया है। इसके चलते सोलर पैनल लगाने को लेकर एजेंसी ढूंढऩे को लेकर टेंडर बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। प्रत्येक शौचालय पर लगने वाले पैनल का खर्च एक से डेढ़ लाख रुपए के बीच होगा। इसको अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा।