Kisan Nyay Yatra : कांग्रेस की ओर से प्रदेशभर में सभी कलेक्टरों को सौंपे गए ज्ञापन में इन 3 बातों का जिक्र किया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद वीडियो जारी करके बताईं तीनों वजहें।
Kisan Nyay Yatra :मध्य प्रदेश कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर शुक्रवार से प्रदेश स्तरीय विशाल किसान न्याय यात्रा एवं ट्रैक्टर रैली' की शुरुआत की है। सभी जिलों में निकलने वाली इस किसान न्याय यात्रा में कांग्रेस ने कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रधानमंत्री के नाम किसानों के मुद्दों को लेकर ज्ञापन तो सौंप ही, साथ ही साथ ट्रैक्टर रैलियां भी निकाली। इंदौर में किसान न्याय यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया। ट्रैक्टर रैली के समापन के बाद जीतू पटवारी ने वीडियो जारी कर किसान न्याय यात्रा निकाले जाने का उद्देश्य बताया। उन्होंने इसके तीन कारम बताए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश स्तर पर सभी जिलों के कलेक्टरों को प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए तीन बातें कांग्रेस की ओर से कही गई हैं। इसमें पहली बात ये कि जो राहुल गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जा रही है, उस संबंध में है। दूसरी बात ये कि किसानों से 2700 और 3100 दाम देने का वादा करके ये सरकार मुकर गई है। इसमें 6000 रूपए सोयाबीन का दाम किसानों को मिलना चाहिए। एमएसपी और भूमि अदिग्रहण अधिनियम में भूमि अधिनियम कानून का उल्लंघन हो रहा है। इसमें खासकर इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर, धार जैसे बड़े शहरों में भूमि अधिग्रहण की पराकाष्ठा हो रही है। इन बातों को लेकर किसानों ने अपनी कही है।
जीतू पटवारी ने कहा कि मेरा मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह है। हमें प्रशासन की अनुमतियों के साथ हमने हर जगह आयोजन किए हैं। अगर ट्रैक्टर रोके जाते हैं किसानों को रोका जा रहा है ये अलोकतांत्रिक है। उन्होंने प्रदेशभर में कई जगहों से सामने आ रही ट्रैक्टर रोके जाने की घटनाओं पर कहा कि जिस किसी किसान का ट्रैक्टर रोका जा रहा है, वो तुरंत ही उसका वीडियो बनाए और पब्लिक डोमेन में डाले और मुझे भी भेजे। ऐसा करके सरकार का विरोध और डर जाहिर होगा, कि ये किसानों को किस तरह दबाना और धमकाना चाहती है।
पटवारी ने कहा कि पर मैं आप सब लोगों से अनुरोध करना चाहता हूं कि जहां पर पुलिस द्वारा रोका जा रहा है, हमें वहीं पर बैठना है। हमें कहीं और जाने की आवश्यक्ता नहीं है। फर्क बस इतना है कि हम जो आयोजन पहले से निर्धारित स्थान पर करना चाहते हैं, वो आयोजन उसी स्तान पर होगा। इसमें हमारी गलती नहीं होगी, ये प्रशासन की गलती होगी, क्योंकि हमें तो प्रशासन ने जा रास्ता दिया हम उसी पर जा रहे हैं। पटवारी ने किसानों से अनुरोध किया कि पुलिस से किसी भी पर्कार की अभद्रता नहीं करनी है, क्योंकि वो भी हमारा परिवार है।