कंपनी अधिकारियों की कलेक्टर के साथ हुई बैठक, 23 जुलाई तक मांगा जवाब
इंदौर. आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों टीसीएस व इंफोसिस को नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को जारी नोटिस में जिला प्रशासन ने कंपनियों के प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है. हर हाल में 23 जुलाई तक रोजगार की जानकारी देने के लिए भी कहा गया है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि लीज शर्तों का उल्लंघन किया गया है तो लीजदाता यानि मध्यप्रदेश सरकार को उन्हें दी गई जमीन वापस लेने का अधिकार हैं। इस संबंध में सोमवार को दोनों कंपनियों के स्थानीय प्रमुखों को बुला कर चर्चा की गई।
प्रदेश सरकार ने दोनों कंपनियों को सुपर कॉरिडोर पर 100 व 130 एकड़ जमीन रियायती दरों पर दी है। इसके लिए लीज डीड में शर्त रखी गई है, कंपनियां चरणबध्द तरीके से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसमें 50 प्रतिशत मप्र के प्रोफेशनल्स होंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री ने दोनों ही कंपनियों के लिए कहा था, जमीनें तो खूब ली, लेकिन रोजगार नहीं दिए। इसके बाद प्रशासन ने दोनों कंपनियों से जानकारी देने के लिए कहा था। 18 जुलाई तक जानकारी नहीं देने पर सोमवार को कलेक्टर मनीषसिंह ने दोनों कंपनियों के स्थानीय अधिकारियों को तलब किया। दोनों कंपनियों से निवेश व रोजगार की जानकारी मांगी है। कितनों को सीधे व कितनों को स्थानांतरण से नियुक्ति दी यह भी बताने को कहा है।
बैठक में इंफोसिस के अधिकारी सुधांशु मौजूद थे। उन्होंने बताया, कंपनी द्वारा 672 इंजीनियर्स को नौकरी दी गई हैं। कलेक्टर ने कहा, कंपनी को दो चरण में 600 करोड़ निवेश करना हैं। 13000 रोजगार देना हैं। इधर टीसीएस की ओर से संजय सिन्हा व प्रतीक उपस्थित हुए थे। उन्होंने बताया 4500 को रोजगार दिया गया हैं। कलेक्टर ने बताया, शर्तो के अनुरूप आपको पहले चरण में 350 व दूसरे-तीसरे चरण में 150-150 करोड़ निवेश करना है। 15000 हजार रोजगार देने हैं।