इंदौर

13 साल में दूसरी बार इतना भयंकर तप रहा जून, अब तो पिघलने लगी हैं सडक़ें

आमतौर पर मानसूनी बयार से सुकून देने वाला यह महीना इस बार बरपा रहा कहर

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Jun 07, 2019
garmi
13 साल में दूसरी बार इतना भयंकर तप रहा जून, अब तो पिघलने लगी हैं सडक़ें

इंदौर. शहर इस साल भीषण गर्मी से झुलस रहा है। जून के छह दिनों में से चार दिन अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा है। 13 साल में यह दूसरी बार है जब जून इतना तप रहा है। आमतौर पर प्री-मानसून गतिविधयों से सुकून देने वाला यह महीना इस बार लू की चपेट में आ गया है। राजस्थान से आ रही गर्म हवा (जेट स्ट्रीम) इसे और खतरनाक बना रही है। शिवाजी वाटिका पर बीआरटीएस की सडक़ गर्मी से पिघलने लगी हैं।

बह रही दो धाराएं दोनों कर रही परेशान

इस समय प्रदेश में दो धाराएं बह रही हैं। जेट स्ट्रीम राजस्थान की ओर से आ रही है इससे प्रदेश के कई हिस्सों में शुष्क हवाएं लू की तरह चल रही हैं। वहीं दूसरा प्रवाह गुजरात के ऊपर से आ रहा है। यह भी गर्म हवाएं हैं, लेकिन कुछ नमी लिए। बढ़ते तापमान में यह ठंडक के बजाय उमस बढ़ा रही है।

2016 के बाद गर्मी ने दिखाए ऐसे तेवर

गुरुवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री और न्यूनतम 28.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। इससे पहले 2016 में इसी दिन तापमान 44 डिग्री पहुंचा था। मौसम विभाग के अनुसार एक-दो दिन पारा इसी तरह और गरमाएगा। वर्तमान में किसी तरह की प्री-मानसून गतिविधियां भी नहीं दिख रही हैं। आमतौर पर मई के अंत में और जून के पहले सप्ताह में जोरदार प्री मानसून गतिविधियां होती हैं, लेकिन इस साल यह भी सूखे रहे।

इस तरह गर्मा रहा पारा

दिन ---- अधिकतम ----न्यूनतम
1 जून ----41.5----26.5
2 जून ----43.1 ---- 27.6
3 जून ---- 43.0----26.5
4 जून ----41.7----27.0
5 जून ---- 43.2----28.3

मानसूनी फुहारों में देरी

मई के आखिर में हुई तपन के बाद लगा था, मानसून समय पर रहेगा। लेकिन मौसम विभाग ही फिलहाल मानसून को लेकर असमंजस में है। मानसून के करीब 8 दिन की देरी से 8 जून को केरल तट पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद यह मालवा-निमाड़ की ओर रुख करेगा। 11-12 जून को आमद देने वाला मानसून इस बार 22 से 24 जून के बीच यहां पहुंच सकता है। प्रदेश में यह 12 से 15 दिन देरी से पहुंचेगा।

Published on:
07 Jun 2019 01:50 pm