इंदौर

सूरज से होगा घर में उजाला, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में सोलर सिस्टम लगा रहा आइडीए

- मुख्यमंत्री से मिले सोलर सिटी के चैलेंज पर इंदौर ने शुरू किया काम- पिपल्याहाना अंतरराष्ट्रीय स्वीमिंग पूल में दर्शक दीर्घा में लगेंगे सोलर पैनल

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Mar 06, 2023
सूरज से होगा घर में उजाला, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में सोलर सिस्टम लगा रहा आइडीए

इंदौर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से सोलर सिटी का चैलेंज मिलते ही इंदौर में ग्रीन बिल्डिंग जैसे प्रयोगों के साथ सोलर पैनल लगाने की कवायद शुरू हो गई है। आइडीए निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में सोलर सिस्टम लगा रहा है। साथ ही तय किया है कि भविष्य में बनने वाले भवन भी ग्रीन बिल्डिंग और नेट जीरो काॅन्सेप्ट पर ही बनाए जाएंगे। ताजा प्रयोग में आइडीए नवनिर्मित स्वीमिंग पूल, सीनियर सिटीजन बिल्डिंग और स्कीम-136 के भवन में सोलर सिस्टम लगवा रहा है। इससे इनमें उपयोग होने वाली बिजली का 25-30 प्रतिशत तक उपयोग सोलर से हो सकेगा। इससे पहले भी प्राधिकरण ने आनंद वन फेज टू में सोलर पैनल के साथ पैरीस्कोप का नवाचार किया है।
सोलर सिटी-ग्रीन सिटी बनने के लिए प्रशासन-नगर निगम कॉन्सेप्ट नोट तैयार कर रहा है। आइडीए इस दिशा में पहले से काम कर रहा है। अब नए निर्माण में सोलर का प्रयोग विशेषता के तौर पर किया जाएगा। आइडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा के अनुसार, निर्माणाधीन तीनों प्रोजेक्ट में सोलर सिस्टम लगा रहे हैं। इससे भवन में उपयोग हो रही बिजली का कुछ भाग ग्रीन एनर्जी में बदल जाएगा।
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इन प्रोजेक्ट में लगा रहे सिस्टम आइडीए अफसरों के मुताबिक, पिपल्याहाना में निर्माणाधीन स्वीमिंग पूल की दर्शक दीर्घा की छत पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। इनकी क्षमता 186 किलोवाट होगी। इससे स्वीमिंग पूल के कार्यालय, गलियारों की लाइट, पंखे और अन्य उपकरण चल सकेंगे। दिन में इमरजेंसी लाइट भी इसी से जलेगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। योजना-136 िस्थत सीएमआर-5 भवन में 30 किलोवाट का सिस्टम लगाया जा रहा है। तीसरा सिस्टम विजय नगर क्षेत्र में बन रही सीनियर सिटीजन बिल्डिंग में लगाया जा रहा है। यह करीब 36 किलोवाट क्षमता का होगा।
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पैरीस्कोप से रोशन पार्किंग आइडीए ने सौर ऊर्जा का प्रयोग आनंदवन फेज-2 में किया है। यहां 80 किलोवाट का सिस्टम लगा है। यहां आइडीए ने नवाचार भी किया है। कार्यपालन यंत्री अखिलेश शुक्ला के अनुसार, यहां आइडीए ने पैरीस्कोप की तर्ज पर सोलर रिफ्लेक्टर लगाकर भवन की पार्किंग को रोशन किया है। इस प्रयोग से पार्किंग में दिन में बिजली का उपयोग नहीं होता है। इस प्रक्रिया में सूर्य के प्रकाश की तीव्रता रिफ्लेक्टर के माध्यम से गुणित कर पार्किंग में भेजी जाती है। यह दिन में प्राकृतिक प्रकाश के बेहतर उपयोग का तरीका है।

Published on:
06 Mar 2023 01:25 pm
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