
Indore Lokayukta Trap: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त और EOW रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही हैं लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का है, यहां लोकायुक्त टीम ने सहकारी संस्था अत्याना, गौतमपुरा के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के कुनघरा गांव के रहने वाले किसान जाकिर हुसैन ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी जाकिर हुसैन ने बताया कि उसने वर्ष 2024 में 2,00,000 रुपये का केसीसी पर लोन लिया था, जो एक वर्ष बाद बिना ब्याज के वर्ष 2025 में जमा करना था। वो तब ये लोन राशि जमा नहीं कर पाया। अब उसे वर्ष 2026 में फिर से केसीसी पर लोन लेना था, इसलिए उसे लोन प्राप्त करने के लिए पहले एक वर्ष का ब्याज 30,000 रुपये मिलाकर 2,30,000 रुपये जमा करना थे। जब वो सेवा सहकारी संस्था मर्यादित अत्याना पहुंचा तो सहायक समिति प्रबंधक रमेशचंद्र पंड्या और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन जोशी ने उससे लोन को रिन्यू करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
लोकायुक्त टीम ने फरियादी जाकिर हुसैन की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को 20 हजार रुपये रिश्वत देने के लिए रिश्वतखोर कर्मचारियों के पास भेजा। रिश्वत देने के लिए सेवा सहकारी संस्था मर्यादित अत्याना के कार्यालय में घूसखोर कर्मचारियों ने फरियादी को बुलाया। जैसे ही सहायक समिति प्रबंधक रमेशचंद्र पंड्या और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन जोशी ने रिश्वत के रुपये फरियादी से लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ लिया।
आरोपीगण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में कार्यवाहक निरीक्षक प्रतिभा तोमर, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक शैलेंद्र सिंह बघेल, आरक्षक आशीष नायडू, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक मनीष माथुर शामिल रहे। लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि कोई अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष नंबर 0731-2533160, 0731-2430100 पर सम्पर्क कर सकते हैं।