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सागर में परिवेक्षा अवधि में ही रिश्वत लेते पकड़ाया पटवारी, नौकरी ज्वाइन किए हुए डेढ़ साल भी नहीं हुआ

Madhya Pradesh Patwari Bribery Case: किसान से कृषि भूमि का नामांतरण करने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था पटवारी।

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Lokayukta trap patwari caught taking bribe 10000 Rs, पटवारी मानवेन्द्र सिंह को लोकायुक्त टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा (source-patrika)

Sagar Lokayukta Trap Caught Patwari: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त और EOW रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही हैं लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के सागर जिले का है जहां एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर पटवारी एक किसान से जमीन का नामांतरण करने के एवज में रिश्वत ले रहा था।

नामांतरण करने के एवज में मांगी रिश्वत

सागर जिले के जैसीनगर के रहने वाले भगवानदास सोलंकी ने लोकायुक्त कार्यालय में 8 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी भगवानदास ने बताया कि उनकी पुत्रवधू ने कंकर कुइयां बम्होरी घाट में करीब 1.4 एकड़ कृषि भूमि खरीदी है। इस कृषि भूमि का नामांतरण कराना था, जब वो जमीन का नामांतरण कराने के लिए हल्का पटवारी मानवेन्द्र सिंह के पास पहुंचा तो उससे 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई।

'3 मिनट में पैसे लेकर तिगड्डे पर मिलो'

लोकायुक्त टीम ने फरियादी भगवानदास सोलंकी की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को रिश्वत के 10 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर पटवारी मानवेन्द्र सिंह के पास भेजा। पटवारी मानवेन्द्र सिंह ने पहले फरियादी भगवानदास को संजय ड्राइव पर पैसे देने के लिए बुलाया था, लेकिन वो खुद ही वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद उसने फोन कर फरियादी से कहा कि रुपये लेकर तीन मिनट में तिली तिगड्डे पर आ जाओ। तिगड्डे पर जैसे ही रिश्वतखोर पटवारी ने किसान भगवानदास से रिश्वत के 10 हजार रुपये लिए तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया गया है।

परिवेक्षा अवधि में है पटवारी

हैरानी की बात ये है कि रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी मानवेन्द्र सिंह अभी परिवेक्षा अवधि में है। उसे नौकरी ज्वाइन किए हुए डेढ़ साल भी नहीं हुआ है। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप दल में निरीक्षक रंजीत सिंह, निरीक्षक कमल सिंह उइके सहित लोकायुक्त सागर की टीम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। लोकायुक्त पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।