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एमपी में 8 अगस्त से बसों की हड़ताल, बस ओनर्स एसोसिएशन ने दिया अल्टीमेटम

Bus Strike August 8: सागर में जुटे मप्र बस ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी, 8 सूत्रीय मांगें न माने जाने पर 8 अगस्त से प्रदेश में बसों की हड़ताल का ऐलान।
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SAGAR NEWS

bus strike from august 8 bus owners association demands, प्रतीकात्मक तस्वीर (SOURCE-PATRIKA FILE)

MP Bus Strike: मध्यप्रदेश के सागर में प्रदेशभर के बस मालिक रविवार को एकत्रित हुए। मप्र बस ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि 8 अगस्त तक अगर उनकी 8 सूत्रीय मांगें शासन ने नहीं मानीं तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। प्रदेश के कोने-कोने में मौजूद 28 हजार बसों के पहिए थम जाएंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि हम शासन से पिछले 5 साल से किराया वृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

'5 साल से किराया वृद्धि की कर रहे मांग'

बस ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि हम शासन से पिछले 5 साल से किराया वृद्धि की मांग कर रहे हैं। 15 जून को किराया बोर्ड की बैठक में भी प्रस्ताव रखा गया, लेकिन आज तक निर्णय नहीं हो सका है। किराया बोर्ड के प्रस्ताव में 2.50 रुपए प्रति किमी किराया बढ़ाने की मांग की है। इसके अलावा हमारी 7 अन्य मांगें भी हैं। यदि 7 अगस्त की रात 12 बजे तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

बस ऑपरेटर्स की प्रमुख मांगें

  • बस मालिकों ने कहा कि वर्ष 2021 में डीजल का भाव 69 रुपए प्रति लीटर था, जो अब बढ़कर 100 के पार पहुंच गया है। शासन स्तर पर दो बार की बैठकें होने के बाद भी किराए पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पड़ोसी राज्यों में करीब 2 रुपये प्रति किमी की दर से वृद्धि की गई।
  • 7 जुलाई 2026 को जारी राष्ट्रीयकरण से संबंधित राजपत्र का प्रकाशन तत्काल वापस लिया जाए। इस नीति से निजी बस चालकों व उनकी आने वाली पीढ़ी का भविष्य और रोजगार प्रभावित हो रहा है, अत: इसे रोका जाए।-टेंडर प्रक्रिया के जरिए बस चालकों से रायल्टी वसूलने की तैयारी को बंद किया जाए। 6 जुलाई 2026 को प्रकाशित टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए।-परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में पंजीकृत सभी वाहनों को पूर्ण वैध माना जाए और उन पर कोई कार्रवाई न की जाए। बनकर तैयार खड़ी करीब 1200 नई बसों का अविलंब पंजीकरण किया जाए।-मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 110 (3) के तहत राज्य सरकार अपनी शक्तियों का प्रयोग करे। केंद्र सरकार के कड़े नियमों से बस चालकों को रियायत दे।-परिवहन सचिव के निर्देशों के बाद भी आरटीओ अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं आते, बस मालिकों के कार्य भी नहीं करते। बस ऑपरेटर्स का शोषण बंद किया जाए।-बसों के संचालन और परमिट जारी करने के लिए 15 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा का नियम समाप्त किया जाए। केंद्रीय मोटर यान अधिनियम के अनुसार जब तक वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है, तब तक परमिट जारी रखा जाए।-अंतरराज्यीय मार्गों पर आ रही व्यावहारिक बाधाओं को दूर किया जाए। अंतरराज्यीय परमिटों को नियमित एवं स्थायी रूप से जारी किया जाए।