27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में उतरेगा अदाणी ग्रुप, बीना-निगरी में तलाशी जा रही संभावना

Nuclear Energy Sector : नई नीति का इंतजार: भारत सरकार के साथ कंपनी ने भी उत्पादन क्षमता बढ़ाने वर्ष 2035 तक का रखा है लक्ष्य।
2 min read
Google source verification
Nuclear Energy Sector

Nuclear Energy Sector (परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में उतरेगा अदाणी ग्रुप Photo Source- Patrika)

Sagar News : आगामी समय में मध्य प्रदेश में निजी क्षेत्र के परमाणु ऊर्जा संयंत्र शुरू हो सकते हैं। इसके लिए अदाणी ग्रुप पावर प्रोजेक्ट के लिए संभावनाएं तलाश रहा है। कंपनी ने हाल ही जयपी पावर को टेकओवर किया है। इसकी होल्डिंग कंपनी जेपी थर्मल पर न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के लिए गौर किया जा रहा है। इसमें सागर जिले के बीना और सिंगरौली जिले के निगरी क्षेत्र के प्रोजेक्ट हैं।

दरअसल, कंपनी अपनी बिजली उत्पादन क्षमता साल 2035 तक बढ़ाकर तीन गुना करना चाहती है। इस तरह वो निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी पावर जेनरेटिंग कंपनी हो जाएगी। बीना और निगरी पर व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) तीव्रता से चल रहे हैं। अदाणी पावर के सीईओ की तरफ से इस संबंध में संकेत दिए गए हैं। कॉर्पोरेट बैठक में उन्होंने अदाणी पावर कंपनी के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट और इसके लिए बीना व निगरी पर गौर करने की बात कही है।

संभावनाओं पर किया जा रहा गौर

कंपनी अभी अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए ओडिशा और मध्य प्रदेश में संभावित स्थानों का मूल्यांकन कर रही है। अदाणी पावर के सीईओ शेर सिंह खयाली की तरफ से जो बात सामने आई है। उसपर कंपनी की ओर से कोई अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। कंपनी ने इतना जरूर स्पष्ट किया है कि, संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है।

अभी यह दो कंपनी कर रहीं उत्पादन

सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनी परमाणु ऊर्जा उत्पादन कर रही हैं। न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा संचालक कंपनी है। 30 गीगावॉट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन भी 30 गीगावॉट क्षमता के विकास की तैयारी में है। निजी क्षेत्र में अदाणी पावर है। 3.2 गीगावॉट से ज्यादा परिचालन क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है।

उत्पादन क्षमता तीन गुना करने की तैयारी

अदाणी पावर ने साल 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बनाई है। इस तरह मौजूदा उत्पादन क्षमता को तीन गुना बढ़ाना है। ऐसे में न्यूक्लियर प्रोजेक्ट का अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए नियामक ढांचे को अंतिम रूप देने पर निर्भर करेगा। इससे सुनिश्चित होगा कि भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने एक विश्वसनीय और स्वच्छ ऊर्जा स्रोत पर निर्भर रह सके।

निगरी सुपर थर्मल पावर की क्षमता 1320 मेगावाट

सिंगरौली जिले के देवसर तहसील के निगरी गांव स्थित जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड का थर्मल पावर ह्रश्वलांट है। दो यूनिट की कुल उत्पादन क्षमता 1320 मेगावाट है। पहली इकाई सितंबर 2014, दूसरी इकाई फरवरी 2015 में चालू हुई। संयंत्र सुपरक्रिटिकल बॉयलर तकनीक पर आधारित है। कम कोयला खपत में ज्यादा बिजली पैदा होती है।

बीना थर्मल पावर में 500 मेगावाट

बीना के सिरचौंपी गांव में करीब 1700 एकड़ क्षेत्र में आदित्य बिड़ला समूह (ग्रासिम) 1000 मेगावाट का ताप विद्युत संयंत्र स्थापित करने आया था, लेकिन परियोजना पूरी नहीं हुई। वर्ष 2008 में जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने जमीन का अधिग्रहण किया था। पहली यूनिट 2012 में, दूसरी यूनिट 2013 में शुरू हुई। 500 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। शुरुआत के कुछ साल बाद बिजली के दाम सही न मिलने पर प्लांट कई माह बंद रहने से घाटा हुआ था।

परमाणु ऊर्जा क्षमता 50 गीगावॉट करने का लक्ष्य

भारत सरकार ने 2035 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 50 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। 2047 तक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए 100 गीगावॉट का लक्ष्य है। इसे साकार करने में निजी क्षेत्र की भी अहम भूमिका होगी। सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियों के साथ निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी भी आवश्यक हो जाती है।