
इंदौर. लोकसभा हो या विधानसभा हर चुनाव में भाजपा और कांग्रेस का फोकस किसानों पर ही रहा है। इस बार भी वही स्थिति है। मैं, एक किसान होने के नाते देखता हूं तो आज भी किसान परेशान है। उनकी समस्याएं जस की तस हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने किसानों के लिए बेहतर कार्य किए। लेकिन फसल बीमा का लाभ किसानों को नहीं मिल सका। यह कहना है किसान नेता विष्णु पाटीदार का। पाटीदार ने यह बात पत्रिका के मध्यप्रदेश महामुकाबला के तहत चल रहे कॉलम मैं किसान, मेरा कितना मान के तहत कही। पाटीदार ने कहा कि हर चुनाव चाहे वह पंचायत का हो या नगर पालिका का। चाहे फिर विधानसभा हो या लोकसभा। सभी में दलों के नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जितने के बाद उस पर अमल नहीं हो पाता। कुछ मामले अपवाद हो सकते हैं, जो पूरे हुए हों। लेकिन, अधिकतर मामले पेंडिग ही रहते हैं।
घोषणाओं पर काम नहीं
पाटीदार ने कहा, पिछली बार जब किसान आंदोलन हुआ था तो मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि फसल बीमा को ऐच्छिक किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फसल बीमा को जबरन किसानों पर थोपा जा रहा है। जिस पर किसानों की सख्त आपत्ति है। प्रदेश में किसान सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।
जनप्रतिनिधि आम जनता तक पहुंचाएं योजनाएं
पाटीदार ने कहा, जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि सरकार की जनहितैषी योजनाएं किसानों तक पहुंचाएं। किसानों को इन योजनाओं का लाभ दिलाएं। क्योंकि, कई योजनाओं की जानकारी किसानों को नहीं होती, जिस कारण उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पाता।
मैं क्यों वोट दूं
पाटीदार ने कहा, सरकारी अफसरों व दलालों के बीच सांठगांठ के कारण किसानों को जबरन बीमे की प्रीमियम भरना पड़ती है और फसल नुकसानी के बाद बीमा क्लेम नहीं मिलता। दिखाने के लिए कुछ किसानों को क्लेम राशि दे दी जाती है। सरकार को चाहिए कि फसल बीमा को ऐच्छिक करे और प्रयोग के तौर पर इसे प्रदेश के सिर्फ एक जिले में लागू करें। वहां परिणाम के अनुसार जिसे प्रदेशभर में इसे लागू किया जाए।