इंदौर

महाकुंभ जा रहे हैं तो सावधान, फर्जी वेबसाइट से ठग बना रहे शिकार

Patrika Raksha Kavach : प्रयागराज में होटल-रूम बुकिंग के लिए बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी वेबसाइट बना कर लोगों को ठगा जा रहा है।

2 min read
Dec 21, 2024

पलाश राठौर

Patrika Raksha Kavach : प्रयागराज महकुंभ में लाखों लोग पुण्य लाभ लेने के लिए आतुर हैं। इसका फायदा उठाने को बदमाश सक्रिय हो गए हैं। प्रयागराज में होटल-रूम बुकिंग के लिए बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी वेबसाइट बना कर लोगों को ठगा जा रहा है। एक इवेंट कंपनी संचालक ने परिजन के लिए इंटरनेट पर होटल बुकिंग के लिए वेबसाइट सर्च की। बुकिंग के लिए एक वेबसाइट की ओर से क्यूआर कोड भेजकर उनसे 50 हजार ले लिए गए। बाद में पता चला कि यह फर्जी वेबसाइट थी। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।

विजय नगर के एक व्यापारी महाकुंभ में जाने की योजना बना रहे थे। ऑनलाइन बुकिंग के लिए वेबसाइट पर सर्च किया। कुछ देर बाद धर्मशाला के नाम से फोन आया। व्यापारी ने सभी कमरों के मुताबिक रुपए जमा कर दिए। पता चला ठगी हो गई है।

साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, ठगों ने नामी होटलों की 50 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट्स बनाई थीं, जिन्हें बंद करवा दिया है। अभी 50 अन्य संदेहास्पद वेबसाइट्स की जांच जारी है। पुलिस ने इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, केदारनाथ दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर बुक करने के नाम पर भी इस तरह की ठगी हो चुकी हैं। कुछ दिनों में कई केस सामने आए हैं, जिसमें आरोपियों ने किसी कंपनी या होटल के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को शिकार बनाया।

यहां से ले सकते हैं कुंभ की जानकारी

कुंभ डॉट जीओवी डॉट इन और प्रयागराज डॉट एनआइसी डॉट इन का उपयोग कर सकते हैं। इसके माध्यम से मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। मोबाइल पर कोई टेक्स्ट मैसेज, वॉट्सऐप और ग्रुप के माध्यम से वेब एड्रेस भेजकर लुभावने ऑफर दे, तब उस पर क्लिक न करें। कोई विज्ञापन देखकर साइबर ठगों के झांसे में नहीं आएं। सरकारी वेबसाइट का ही उपयोग करें।- चातक वाजपेई, साइबर एक्सपर्ट

इनका रखें ध्यान

-ऑनलाइन बुकिंग(Online Booking) करने के पहले गूगल से नंबर कभी नहीं निकालें।
-वेबसाइट पर सर्च करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच कर लें।
-संदिग्ध वेबसाइट की वायरस टोटल डॉट कॉम पर नामक वेबसाइट पर जाकर जांच कर सकते हैं।
-असली वेबसाइट से मिलते-जुलते नाम की वेबसाइट की स्पेलिंग ठीक से जांच करें।
-वेबसाइट्स की जांच उनके आधिकारिक यूआरएल से ही करें।
-होटल बुकिंग और अन्य सेवाओं के लिए विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का उपयोग करें।
-किसी भी फर्जी वेबसाइट या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें।

Updated on:
21 Dec 2024 12:43 pm
Published on:
21 Dec 2024 11:03 am
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