MP News: बंदूकों के लाइसेंस और उनके नवीनीकरण पर भी शुल्क बढ़ा दिया गया था, लेकिन इस फैसले के खिलाफ किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध जताया।
MP News: बंदूकों के लाइसेंस को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए आम लोगों को राहत दी है। कुछ ही महीनों पहले बढ़ाया गया स्टाम्प शुल्क अब वापस ले लिया गया है, जिससे लाइसेंस बनवाना और नवीनीकरण कराना फिर से सस्ता हो गया है। पहले जहां यह शुल्क 5 हजार रुपए तक पहुंच गया था, अब इसे घटाकर दोबारा 2 हजार रुपए कर दिया गया है। दरअसल, सितंबर 2025 में सरकार ने विभिन्न दस्तावेजों, जैसे शपथ पत्र, कंसेंट डीड, एग्रीमेंट और पावर ऑफ अटॉर्नी पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क में चार से पांच गुना तक बढ़ोतरी की थी।
इसी क्रम में बंदूकों के लाइसेंस और उनके नवीनीकरण पर भी शुल्क बढ़ा दिया गया था, लेकिन इस फैसले के खिलाफ किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि यह बढ़ोतरी आम जरूरतों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही है। विरोध के बाद सरकार ने समीक्षा की और अब बढ़ा हुआ शुल्क वापस लेने का निर्णय लिया है।
वाणिज्यिक कर विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि टोपीदार और भरमार बंदूकों के लाइसेंस पर स्टाम्प शुल्क फिर से 2 हजार रुपए और नवीनीकरण शुल्क 1 हजार रुपए रहेगा। इस संबंध में अपर सचिव राजेश ओगरे द्वारा आधिकारिक निर्देश जारी किए गए हैं।
पहले शुल्क बढ़ाने के पीछे तर्क दिया था कि वर्ष 2014 के बाद स्टाम्प शुल्क में कोई संशोधन नहीं हुआ था और बढ़ते मूल्य सूचकांक को देखते हुए दरों में वृद्धि जरूरी थी। इसी आधार पर शपथ पत्र का शुल्क 50 से बढ़ाकर 200 रुपए और एग्रीमेंट का शुल्क 1000 से बढ़ाकर 5000 रुपए किया गया था। हालांकि जमीन से जुड़े वर्गों की नाराजगी और लगातार विरोध ने सरकार को फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया। अब इस फैसले से खासकर ग्रामीण इलाकों और किसानों को राहत मिलेगी, जहां पारंपरिक बंदूकों के लाइसेंस आम जरूरत का हिस्सा माने जाते हैं।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने हथियार लाइसेंस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब नए गन लाइसेंस, रिन्यूअल और हथियार ट्रांसफर के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत आवेदक भारत सरकार के पोर्टल www.ndalalis.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदक स्वयं अपनी आईडी बनाकर आवेदन कर सकते हैं या फिर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।