Indore Fire Tragedy: इंदौर के बृजेश्वरी एनएक्स में हुए भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद जांच तेज हो गई है। ईवी चार्जिंग, बैटरी ब्लास्ट और बिजली पोल तीनों एंगल पर जांच जारी, स्मार्ट मीटर डेटा से खुल सकते हैं बड़े राज।
Indore Fire Tragedy:इंदौर के बृजेश्वरी एनएक्स के मकान में बुधवार तड़के लगी आग से मनोज पुगलिया, उनकी बहू सहित आठ सदस्यों की जिंदा जलने से मौत के मामले में आग लगने को लेकर विभिन्न जानकारी सामने आई है। पहले ईवी चार्जिग के दौरान आग फैलने की बात कही गई, लेकिन कारोबारी के बेटे द्वारा घटना वाली रात कार चार्ज पर नहीं होने का खुलासा करने के बाद गुरुवार को कई विभाग सक्रिय हुए और शुक्रवार को फिर से घटनास्थल की जांच दी। बिजली कंपनी भी जल चुके स्मार्ट मीटर का रिकॉर्ड खंगाल रही है। (MP News)
सूत्रों के अनुसार, घटना वाली रात कार के फुल चार्ज होने के बाद चार्जर बंद होने और कुछ देर बाद फिर चालू होने की बात सामने आ रही है। आशंका है कि किन्ही कारणों से कार का चार्जर दोबारा चालू हुआ, जिससे बैटरी ओवरचार्ज और फिर धमाके के साथ उसमें आग लगने की आशंका है। हालांकि आग लगने की मुख्य वजह तकनीकी जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी।
मालूम हो, गुरुवार को कारोबारी के बड़े बेटे सौरभ ने फायर ब्रिगेड की लापरवाही और बिजली कंपनी को लेकर आरोप लगाए थे। कहा था कि आग उनकी कार से नहीं, बल्कि बिजली के पोल से फैली। घटना वाली रात उनकी कार चार्जिग पर नहीं लगी थी। शुक्रवार को फायर सेफ्टी विभाग और बिजली कंपनी के अधिकारी जांच करने पहुंचे। कोई जली वायरिंग तो कोई वाहनों की पड़ताल करता रहा। अधिकारियों ने घर के बाहर लगे बिजली के पोल की भी जांच की। अधिकारी कयास लगा रहे थे कि खंभे के एक तरफ कार्बन तो दूसरी तरफ कार्बन नहीं जमा था। यह भी पता लगाया कि आग किस जगह सबसे पहले और कैसे लगी।
तिलक नगर टीआइ मनीष लोधा ने बताया कि पुगलिया के पड़ोसी भरत जैन, सुनील नगर सहित तीन लोगों के बयान लिए हैं। किसी ने नहीं बताया कि आग कहां से शुरू हुई। परिवार के सदस्य बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, बिजली कंपनी के अधिकारियों ने घर में लगे स्मार्ट मीटर का कई माह का रिकॉर्ड निकाला है। इसमें जानकारी मिली है कि घर में किस समय कितने किलोवॉट बिजली जलती थी। हर 15 मिनट में कितनी बिजली जली आदि जानकारी मिली है। कारोबारी के घर का बिजली कनेक्शन 15 किलोवॉट तक सेंशन था। सामान्य तौर पर उनके घर जो उपकरण चलते थे, उनमें दो किलोवॉट बिजली जलती थी। आग लगने के पहले का डेटा भी निकाला गया है। कार अधिकांशतः रात में चार्ज होती थी। चार्जिंग के समय घर में सात किलोवॉट बिजली खपत बढ़ जाती थी। यानी एक समय में 9 किलोवॉट से अधिक बिजली खपत होती थी। घर के जले मीटर से लेकर ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर से भी रिकॉर्ड निकाला है।
सूत्र बताते हैं कि घटना वाली रात भी कारोबारी के घर की बिजली खपत ज्यादा थी। कयास है कि उस समय कार चार्जिंग पर लगी होगी। रात करीब तीन बजे कार फुल चार्ज होने के बाद चार्जर ऑटो कटऑफ हो गया, जिससे सामान्य किलोवॉट खपत स्मार्ट मीटर पर आई है। करीब आधा घंटे बाद फिर से 7 किलोवॉट बिजली खपत होने लगी। आशंका है कि उस समय कार की बैटरी फिर चार्ज होने लगी। कहां जा रहा है कि बुधवार सुबह 4 बजकर 9 मिनट पर बिजली कंपनी को आग लगने की सूचना मिली और कर्मचारी 9 मिनट में मौके पर पहुंच गए। 4 बजकर 20 मिनट पर इलाके की लाइट काट दी गई।
अन्य विभाग के अधिकारी भी जांच करने पहुंचे। वे बात करते रहे कि कार की पिछली अलाय व्हील टूटी है। संभवतः बैटरी में ब्लास्ट से ऐसा हुआ है। एसी के तार जले हैं और एसी से जुड़े पाइप फूटे हैं। घर के बाहर एसी की बिजली लाइन भी देखी। वहां पाइप गैस भी लगी थी। यह भी चर्चा चलती रही कि बिजली पोल पर यदि आग लगती तो कार पर चिंगारी गिरने से कार में आग लगने के चांस कम होते। हो सकता है कि कार ओवर चार्ज हुई और बैटरी गर्म होने के बाद उसमें धमाके के साथ आग लगी। बिजली पोल के तार पर स्पार्किंग को लेकर भी जांच की गई।
कार कंपनी के इंजीनियर और अन्य एक्सपर्ट भी जांच करने पहुंचे। उन्होंने चार्जिंग पाइंट से लेकर कार के बीच जांच की। बोनट के अंदर जले पार्ट्स और जली सीटों का वीडियो बनाया। सीट के नीचे खाक हुए बैटरी कंपार्टमेंट के पार्ट्स और जली बैटरी कुरेदकर देखी। हालांकि किसी भी विभाग के अधिकारी ने अधिकृत रूप से यह खुलासा नहीं किया कि आग लगने के कारण क्या हैं। (MP News)