इंदौर

मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, एमपी और महाराष्ट्र के 6 जिलों से ली जाएगी जमीन

Manmad-Indore broad-gauge rail line: मनमाड़-इंदौर ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के 6 जिलों में वन भूमि चिन्हित की गई है।
2 min read
• •
Updated: 17 Jul 2026, 12:20 PM IST
Manmad-Indore broad-gauge rail line update land acquisition from 6 districts
Manmad-Indore Rail Line Project update: एमपी और महाराष्ट्र के 6 जिलों से ली जाएगी जमीन (फोटो सोर्स- Patrika)

Manmad-Indore Rail Line Project: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच निर्माणधीन बहुप्रतीक्षित 309 किमी लंबी मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। योजना के लिए महाराष्ट्र और मप्र में कुल 349.7890 हेक्टेयर वन भूमि चिन्हित की गई है, जिसके हस्तांतरण की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर शुरू होगी। इंदौर जिले के लिए 14.6680 हेक्टेयर वन जमीन चिन्हित की गई है। मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने बताया, रेल परियोजना निमाड़, मालवा और उत्तर महाराष्ट्र के लाखों लोगों की वर्षों पुरानी मांग है।

एमपी और महाराष्ट्र के 6 जिलों से ली जाएगी जमीन

वन भूमि से संबंधित आवश्यक विवरण एवं प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई होना इस बात का संकेत है कि परियोजना अब धरातल पर आगे बढ़ रही है। महाराष्ट्र में कुल 142.4867 हेक्टेयर और मप्र में 207.3023 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता है। महाराष्ट्र के नासिक जिले में 13.8247 , धुले जिले में 128.6620 हेक्टेयर वन भूमि परियोजना के लिए प्रस्तावित है। इंदौर जिले में 14.6680, खरगोन में 31.0807, धार में 76.4503 और बड़वानी जिले में 65.2110 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता निर्धारित की गई है।

दो राज्यों के कई जिले को होगा फायदा

परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर, धार, बड़वानी, खरगोन, धुले, नासिक और मनमाड़ सहित पूरे क्षेत्र के लोगों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इससे यात्रियों को कम दूरी में तेज और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध होगी तो कृषि, उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। यह रेल लाइन मप्र और महाराष्ट्र के बीच आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।

जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी

रेलवे ने महू के 18 गांवों के 943 किसानों की 131.49 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी कर दावे-आपत्ति बुलाए हैं। इसके बाद राशि अवॉर्ड और जमीन का कब्जा लेने की प्रक्रिया होगी। इसके बाद टेंडर और पटरियां बिछाने का काम शुरू होगा। इस काम में करीब 3 महीने लग सकते हैं। इसी बीच रेलवे ने 77 लाख रुपए के टेंडर जारी किए हैं। इससे मनमाड़ से महू तक की लाइन का ड्रोन सर्वे और जियो टैगिंग की जाएगी। मनमाड़ की ओर से यह काम शुरू हो चुका है।

Updated on:
17 Jul 2026, 12:20 PM IST
Published on: