-एयरलाइंस ने शिर्डी, उदयपुर, सूरत के लिए मांगा स्लॉट-समर शेड्यूल में इंदौर से उड़ेगी 75 से ज्यादा फ्लाइट-अहमदाबाद, मुंबई और लखनऊ की भी एक-एक नई फ्लाइट
इंदौर। फ्लाइट से सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है। मार्च अंत में लागू होने जा रहे समर शेड्यूल से इंदौर के आसमान की व्यस्तता और बढ़ जाएगी। निजी एयरलाइंस कंपनियों ने चार नई उड़ानों के साथ ही तीन शहरों के लिए एक-एक अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने की तैयारी की है। यह उड़ानें शुरू होती हैं तो इंदौर से नियमित उड़ानों का आंकड़ा 75 के पार पहुंच जाएगा।
हालांकि, इंदौर के बेड़े में ये नई फ्लाइट जुड़ने के बावजूद कोविड से पहले की तुलना में कम ही उड़ानें रहेगी। 2019 तक देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से रोजाना 90 से अधिक उड़ानें संचालित होती थी। पिछले साल भी समर शेड्यूल से काफी उम्मीद लगाई गई, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। हालांकि, इस बार आने-जाने वाली 7 उड़ान के लिए एयरलाइंसेस ने स्लॉट बुक कराए हैं। इनमें शिर्डी, उदयपुर, सूरत और राजकोट की उड़ानें हैं। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद, लखनऊ और मुंबई के लिए भी इंडिगो ने ही एक-एक अतिरिक्त उड़ान शुरू करने में दिलचस्पी दिखाई है।
तीन फ्लाइट शारजाह के लिए
समर शेड्यूल से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बढ़ोतरी दर्ज होगी। जानकारी के अनुसार अब इंदौर से सप्ताह में एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान की जगह चार उड़ान हो जाएंगी। इनमें एक फ्लाइट दुबई और बाकी तीन फ्लाइट शारजाह के लिए रहेंगी। देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से हवाई यात्राओं में बड़ा विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सप्ताह में तीन दिन शारजाह के लिए सीधी उड़ान की तैयारी कर ली है। इसके अलावा एक उड़ान दुबई के लिए भी रहेगी जो कि 30 मार्च से ही शुरू होने जा रही है। इंदौर से दुबई की ये फ्लाइट हर शुक्रवार की रहेगी जबकि दुबई से इंदौर के लिए विमान गुरुवार को उड़ान भरेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार जल्द ही समर शेड्यूल जारी हो जाएगा।
विदेशी बड़े विमान के काबिल बनेगा इंदौर एयरपोर्ट
दौर एयरपोर्ट पर विदेशी उड़ान कंपनियों के विमान उतारने की तैयारी की जा रही है। रनवे बड़ा करने के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है। अभी रनवे 2754 मीटर लंबा है, जबकि विदेशी उड़ानों के लिए करीब साढ़े तीन हजार मीटर लंबा होना जरूरी है। प्रबंधन का कहना है कि यह रनवे एटीआर और एयरबस 320 विमानों के लिए तो उपयुक्त है, लेकिन बड़े विमानों के लिए छोटा पड़ जाता है। इसके विस्तार की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति आते ही काम शुरू किया जाएगा। प्रबंधन को प्रदेश सरकार से 20 एकड़ जमीन मिल चुकी है। जिसमें विस्तार के काम किए जाएंगे।