इंदौर

रावलपिंडी में सबकुछ छोड़कर आया था परिवार, बेटे नेमनाथ जैन ने खड़ा कर दिया करोड़ों का उद्योग

Nemnath Jain Of Prestige Group : पद्मश्री थे स्वर्गीय नेमनाथ जैन, प्रेस्टीज उद्योग एवं शैक्षणिक समूह के थे संस्थापक, ली अंतिम सांस
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Sep 23, 2026
प्रेस्टीज ग्रुप के नेमनाथ जैन
प्रेस्टीज ग्रुप के नेमनाथ जैन- image credit - instagram.com/kishorkhabiyajain

Nemnath Jain Of Prestige Group : प्रेस्टीज ग्रुप के संस्थापक नेमनाथ जैन का देहांत हो गया है। उनके निधन की खबर से इंदौर में शोक व्याप्त हो गया। स्वर्गीय नेमनाथ जैन को सन 2021 में पद्यश्री से सम्मानित किया गया था। उनके परिवार को रावलपिंडी में सबकुछ छोड़कर जान बचाकर भागना पड़ा था। उसी परिवार के बेटे नेमनाथ जैन प्रेस्टीज समूह के नाम से करोड़ों का उद्योग खड़ा कर दिया।

प्रेस्टीज औद्योगिक एवं शैक्षणिक समूह के संस्थापक विख्यात उद्योगपति डॉ. नेमनाथ जैन का 23 सितंबर को देहांत हो गया। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उद्योगपति डॉ. नेमनाथ जैन ने इंदौर में बुधवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे शहर में शोक छा गया। स्वर्गीय नेमनाथ जैन के निवास पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित, मित्र और उद्योगपति एकत्रित हो गए हैं। उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। अंतिम संस्कार मेघदूत मुक्तिधाम में आज ही किया जाएगा।

प्रेस्टीज ग्रुप के संस्थापक, शिक्षाविद् और प्रथम पीढ़ी के उद्योगपति के रूप में नेमनाथ जैन ने पूरे देश में इंदौर व मध्य प्रदेश को नई पहचान दिलाई। उन्हें 'सोया मैन ऑफ इंडिया' भी कहा जाता था। मध्यप्रदेश और देश में सोयाबीन उद्योग में स्वर्गीय नेमनाथ जैन का खासा योगदान रहा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व योगदान दिया।

1977 में प्रेस्टीज समूह की नींव रखी

प्रेस्टीज उद्योग एवं शैक्षणिक समूह के संस्थापक के साथ ही नेमनाथ जैन अनेक संगठनों, संस्थाओं से जुड़े रहे। वे श्री स्थानकवासी जैन श्रावक संघ महावीर भवन के अध्यक्ष रहे। पद्मश्री नेमनाथ जैन, जैन कॉन्फ्रेंस दिल्ली के भी अध्यक्ष रहे। उन्होंने 95 वर्ष की उम्र में अंतिम सांसें लीं।

भारत पाकिस्तान के विभाजन के बाद नेमनाथ जैन का परिवार इंदौर आ गया था। उन्होंने सन 1977 में प्रेस्टीज समूह की नींव रखी थी।

पद्मश्री सम्मान:

स्वर्गीय नेमनाथ जैन ने देश में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। विशेषकर सोयाबीन उद्योग में वे खासे सक्रिय रहे। शिक्षा और समाज सेवा में भी नेमनाथ जैन का योगदान रहा। भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

Updated on:
23 Sept 2026 01:28 pm
Published on:
23 Sept 2026 12:49 pm